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भारत में हेल्थकेयर में अभी और अध‍िक निवेश की जरूरत- सर मैल्कम ग्रांट

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के 19वें संस्करण में बोलते हुए एनएचएस इंग्लैंड के संस्थापक अध्यक्ष और यॉर्क विश्वविद्यालय के चांसलर सर मैल्कम ग्रांट ने कहा कि कोरोना अभी भी दुनिया भर में एक भयंकर महामारी है. उन्होंने सीरम इंस्टीट्यूट के प्रयास को भी सराहा.

Sir Malcolm Grant, Founder Chair, NHS England (File photo) Sir Malcolm Grant, Founder Chair, NHS England (File photo)

India Today Conclave 2021: इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के 19वें संस्करण के सेशन Post-Pandemonium: A health doctrine for the 21st century में इंग्लैंड के संस्थापक अध्यक्ष और यॉर्क विश्वविद्यालय के चांसलर सर मैल्कम ग्रांट ने अपनी राय रखी. 

उन्होंने कहा कि कोरोना अभी भी दुनिया भर में एक भयंकर महामारी है. संयुक्त राज्य अमेरिका में, प्रति सप्ताह 53,000 मौतें हुई हैं. यूरोप में, अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु दर में कमी के बावजूद मामले बहुत ज्यादा हैं. उत्तरी गोलार्ध में सर्दियों का मौसम आ रहा है, जब लोगों के घरों के अंदर रहने के कारण ट्रांसमिशन और अधिक हो सकता है. यह एक बड़ी चुनौती होगी. 

सर मैल्कम ने कहा कि ग्लोबल स्तर पर कोविड -19 केसेज और मौतों की संख्या में वीकली गिरावट जारी रही, यह पैटर्न अगस्त से देखा गया. विश्व स्तर पर पुष्टि किए गए कोविड -19 मामलों की कुल संख्या अब 234 मिलियन से अधिक पहुंच चुकी है और मौतों की संख्या केवल 4.8 मिलियन से कम है. 

सीरम इंस्टीट्यूट के कायल हैं सर मैल्कम  

सर मैल्कम ने खुद को अदार पूनावाला के नेतृत्व वाले सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) का "बहुत बड़ा प्रशंसक" बताते हुए कहा कि भारत को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में अभी अधिक निवेश करना चाहिए. पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविशील्ड वैक्सीन का निर्माण कर रहा है. मैं इसका ह्यूज फैन हूं. 

उन्होंने आगे कहा कि भारत को स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जो पहले से किया जा रहा है उसमें एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने का अवसर मिला है. भारत में अभी जटिलताएं बहुत ज्यादा हैं, क्योंकि विभिन्न राज्यों में सामाजिक परिस्थितियां भिन्न हैं. स्वास्थ्य सेवा में निवेश हमेशा सरकार से आने की जरूरत नहीं है निजी क्षेत्र भी भारत में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में बदलाव और सुधार का कारक हो सकता है. 

बता दें कि दो दिवसीय इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के 19वें संस्करण की थीम #ABETTERNORMAL है. इस मंच के जरिए आंखें खोलने वाले कुछ विचार, सार्थक बहस और कोरोना महामारी के बाद की दुनिया को देखने को लेकर एक नया दृष्टिकोण पेश किया जा रहा है. इंडिया टुडे का यह मंच प्रेरक और युवा वक्ताओं का गवाह बनेगा, जो अपनी अविश्वसनीय यात्रा और उपलब्धियों को साझा करेंगे तो वहीं शीर्ष राजनेता और नीति निर्माता जो हमारे जीवन और हमारे बिजनेस को आकार देते हैं, वे भी अपना नजरिया रखेंगे. इसके अलावा 2021 के नए यूनिकॉर्न, प्रतिष्ठित वैश्विक अर्थशास्त्री और कई अन्य दिग्गज हस्तियां भी मंच की शोभा बढ़ाएंगी.

 

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