गुजरात राज्य सरकार ने दिव्यांगों के लिए कुल 21,114 रिक्तियों को भरने का आश्वासन दिया है, और राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में भरोसा दिलाया कि अगले दो साल में इन रिक्तियों को भरा जाएगा. यह कदम राज्य सरकार ने गुजरात उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका के बाद उठाया है, जिसे नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड द्वारा दायर किया था.
नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड द्वारा वर्ष 2023 में गुजरात उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी. जिस अर्जी पर मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल और न्यायमूर्ति प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई चल रही थी. याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि यह याचिका गुजरात राज्य में दिव्यांग व्यक्तियों को लेकर बने कानूनों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन को लेकर दायर की गई है और राज्य सरकार केंद्र और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश को लागू बनाए यह मांग की गई थी.
आज राज्य सरकार की ओर से कोर्ट में हलफनामा दिया गया. मुख्य सचिव के हलफनामे में बैकलॉग के साथ राज्य के 27 विभिन्न विभागों में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए 21,114 रिक्तियां आरक्षित हैं जिनमें से 9251 पद कम दृष्टि और दृष्टिबाधित लोगों के लिए हैं, 4985 पद श्रवण बाधितों के लिए हैं, 1085 पद लोकोमोटिव विकलांगता के लिए हैं, जबकि 5,000 पद अन्य विकलांगताओं से पीड़ित व्यक्तियों के लिए हैं. राज्य सरकार के अनुमान से दोगुना रिक्तियां है जिसे भरने में थोड़ा वक्त लगेगा ऐसी दरखास्त एडवोकेट जनरलकी ओर से की गई.
पदों को भरने के लिए एक भर्ती कैलेंडर:
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि रिक्तियों की संख्या का अनुमान कुछ ज्यादा है, इसलिए इन पदों को भरने में थोड़ा समय लगेगा. एडवोकेट जनरल ने यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी, और समयबद्ध तरीके से रिक्तियां भरी जाएंगी.