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CUET से लेट हुए एकेडमिक कैलेंडर, पढ़ाई पर पड़ा असर, इस पर केंद्रीय मंत्रालय ने दिया ये जवाब

कांग्रेस नेता दीपक बैज ने सरकार से पूछा था कि क्या इस वर्ष छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश में देरी का सामना करना पड़ा. इससे अंततः शैक्षणिक वर्ष शुरू होने में देरी हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि सीयूईटी के बार-बार रद्द होने के कारण देरी हुई.

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प्रतीकात्मक फोटो (Getty)
प्रतीकात्मक फोटो (Getty)

न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत इस शैक्षण‍िक सत्र में देश की टॉप यूनिवर्सिटीज ने सीयूईटी के माध्यम से दाख‍िले ल‍िए. इस पर विपक्ष ने सवाल उठाया था कि इस परीक्षा के कारण शैक्षण‍िक सत्र लेट हो गया, और पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा. 

इसके जवाब में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने सोमवार को कहा कि कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) से केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एकेडमिक कैलेंडर में कोई देरी नहीं हुई है. सीयूईटी का पैमाना बहुत बड़ा था और तकनीकी और भू-जलवायु कारणों से छात्रों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. ऐसे मामलों में परीक्षण को फिर से निर्धारित किया गया, उन्होंने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह कहा. 

मंत्री ने कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि सीयूईटी ने पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है. इसके परिणामस्वरूप स्नातक की लागत में वृद्धि हुई है, बल्कि छात्र एक से अधिक विश्वविद्यालयों में एक ही फॉर्म और शुल्क के साथ आवेदन करने में सक्षम थे. इसके परिणामस्वरूप विश्वविद्यालयों में प्रवेश सुरक्षित करने के लिए आवश्यक लागत और प्रयास में बचत हुई है. 

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बता दें कि कांग्रेस नेता दीपक बैज ने सरकार से पूछा था कि क्या इस वर्ष छात्रों को केंद्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश में देरी का सामना करना पड़ा. इससे अंततः शैक्षणिक वर्ष शुरू होने में देरी हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि सीयूईटी के बार-बार रद्द होने के कारण देरी हुई. 

इस पर उन्होंने जवाब दिया कि परीक्षण का पैमाना बहुत बड़ा था और तकनीकी और भू-जलवायु कारणों से छात्रों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था. ऐसे मामलों में परीक्षण को फिर से निर्धारित किया गया था. इसके बाद समग्र प्रक्रिया सफलतापूर्वक प्रबंधित की गई थी. दिल्ली विश्वविद्यालय में यह सत्र पिछले साल की तुलना में पहले शुरू हुआ. 

उन्होंने बताया कि सुधार का सुझाव देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों वाली विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई है. राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने लगभग 14,90,293 उम्मीदवारों के लिए CUET का पहला संस्करण आयोजित किया. उम्मीदवारों ने 90 विश्वविद्यालयों में विषयों के 54,555 यूनिक कॉम्बीनेशन के लिए आवेदन किया था. 

सीयूईटी-यूजी जुलाई में शुरू हुआ था और कई केंद्रों पर परीक्षा तमाम तकनीकी कारणों से कैंसिल हुई थी. कई छात्रों को परीक्षा से एक रात पहले एग्जाम रद्द करने के बारे में सूचित किया गया था, उनमें से कई के सेंटर अचानक बदलकर दूर कर दिए गए थे. इसी को मुद्दा बनाते हुए विपक्ष ने सरकार से सवाल किए थे. 

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