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Bihar Teaching Eligibility Test: तीन बार फेल हुए तो पक्की नहीं हो पाएगी नौकरी, संविदा शिक्षकों को लेकर बड़ा अपडेट

बिहार में संविदा शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा को लेकर जमकर विरोध हो रहा है. इस बीच शिक्षा विभाग की तरफ से यह बताया गया है कि परीक्षा के तीन प्रयासों में अगर शिक्षक फेल हो जाते हैं तो वह अपनी नौकरी गवां सकते हैं. स्थानीय शिक्षक संघों ने इसे शिक्षकों पर अत्याचार बताया है साथ ही आरजेडी ने पात्रता मानदंड में इस तरह के बदलाव के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. 

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Bihar contractual teachers exam
Bihar contractual teachers exam

बिहार शिक्षा विभाग द्वारा 26 फरवरी 2024 को संविदा सरकारी शिक्षकों (Contract Basis Teachers) के लिए पात्रता परीक्षा आयोजित की जाएगी. इस परीक्षा को पास करने के बाद ही शिक्षक अपनी नौकरी नियमित कर पाएंगे. पहली परीक्षा में अगर शिक्षक एग्जाम क्लियर नहीं कर पाते हैं तो वह 3 अटेंप्ट और दे सकते हैं, लेकिन बिहार शिक्षा विभाग ने अधिसूचना जारी की है कि अगर कोई शिक्षक 3 प्रयासों में भी फेल हो जाता है तो उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया जाएगा. बिहार शिक्षा विभाग द्वारा संविदा सरकारी शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर जमकर विरोध हो रहा है.

RJD प्रवक्ता ने बीजेपी को ठहराया जिम्मेदार

फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने मांग की है कि संविदा शिक्षकों (Contractual Teachers) को उसी तरह नियमित किया जाना चाहिए जैसा कि नीतीश कुमार ने पूर्ववर्ती महागठबंधन सरकार का नेतृत्व करते समय घोषणा की थी. एजाज ने पात्रता मानदंड में इस तरह के बदलाव के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है. 

शिक्षक संघों ने की फैसले की आलोचना

इस बीच, स्थानीय शिक्षक संघों ने शिक्षा विभाग के इस फैसले पर जमकर हंगामा किया है. टीईटी शिक्षक संघ के बिहार प्रमुख राजू सिंह ने इसे शिक्षकों के साथ अत्याचार का प्रयास बताया है. उन्होंने दावा किया कि शिक्षकों को नौकरी जारी रखने के लिए नाममात्र पात्रता परीक्षा (nominal eligibility examination) का वादा किया गया था. उन्होंने आगे कहा कि शिक्षकों की भर्ती के लिए राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई नियमावली पर ध्यान नहीं दिया गया है.

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26 फरवरी 2024 को होगी परीक्षा

सरकारी शिक्षकों के लिए पहली पात्रता परीक्षा 26 फरवरी, 2024 को आयोजित की जाएगी. पात्रता परीक्षाओं में असफल होने वाले शिक्षकों के साथ क्या किया जाना चाहिए, इस पर सुझाव देने के लिए 1 फरवरी को नामित एक समिति बनाई गई थी. इस गठित समिति में अपर मुख्य सचिव (शिक्षा), बिहार राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, राज्य शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निदेशक और मध्य शिक्षा निदेशक शामिल हैं. समिति को अपनी रिपोर्ट जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा. 

1 से 16 फरवरी के बीच भरना होगा फॉर्म

26 दिसंबर, 2023 को आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान, बिहार सरकार ने निर्णय लिया था कि राज्य में संविदा शिक्षकों को राज्य सरकार कर्मचारी बनने के लिए योग्यता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी. उन्हें 1 से 16 फरवरी के बीच परीक्षा के लिए फॉर्म भरना होगा और इसके लिए एडमिट कार्ड 16 फरवरी को जारी किए जाएंगे.

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