
UPPSC RO/ARO Exam Paper Leak Case: यूपी पुलिस सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के बाद अब यूपीपीएससी RO/ARO भर्ती परीक्षा के परीक्षार्थी भी पेपर लीक मामले में बड़ी राहत की उम्मीद कर रहे हैं. कार्मिक विभाग ने बीते 11 फरवरी को हुई समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी की भर्ती परीक्षा में शिकायतों को लेकर समीक्षा शुरू कर दी है. शासन ने अभ्यर्थियों से 27 फरवरी तक पेपर संबंधी आपत्तियों को सबूत के साथ मांगा है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की आरओ-एआरओ की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने दावा किया कि परीक्षा होने से पहले ही पेपर लीक हो गया है. अभ्यर्थियों ने परीक्षा से जुड़े पेपर का स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर करते हुए कार्रवाई की मांग की थी.
नोटिस जारी कर दी ये जानकारी
अभ्यर्थी कर्मिक और नियुक्ति विभाग को अपने नाम और पते के साथ सूबतों के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. अपर मुख्य सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी की ओर से जारी एक नोटिस के माध्यम से जानकारी दी गई है कि शासन को संज्ञान में लाए गए तथ्यों और शिकायतों के मद्देनजर परीक्षा की शुचिता व पारदर्शिता के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है कि परीक्षा के संबंध में प्राप्त शिकायतों का शासन स्तर पर परीक्षण किया जाए.
मेल आईडी पर भेज सकते हैं आपत्तियां
नोटिस में आगे लिखा है कि परीक्षा के संबंध में किसी भी प्रकार की शिकायत या उसकी शुचिता को प्रभावित करने वाले तथ्यों को संज्ञान में लाना चाहें तो वह अपना, पता और सबूतों के साथ कार्मिक और नियुक्ति विभाग की ई-मेल आईडी secyappoint@nic.in पर भेज सकते हैं.

पेपर होने से पहले टूट चुकी थी सील
इस भर्ती परीक्षा में 10,69, 725 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था. यह परीक्षा राज्य के 58 जिलों के 2387 केंद्रों पर आयोजित कराई गई थी. इस दौरान गाजीपुर के एक परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों ने पेपर आउट का आरोप लगाते हुए खूब हंगामा किया था. अभ्यर्थियों ने सुबह वाली पाली में एग्जाम से पहले पेपर की सील टूटे होने का आरोप लगाया था. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था.
अखिलेश यादव ने भी उठाए थे सवाल
वीडियो में छात्रों का दावा है कि सारा पेपर पहले से खुला हुआ था और प्रबंधन का कहना है कि उनसे गलती हो गई है, सपा अध्यक्ष ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, 'उत्तरप्रदेश में समीक्षा अधिकारी का पेपर भी लीक हो गया. यह अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ भाजपा सरकार की साज़िश ही लगती है क्योंकि ये सरकार बेरोज़गारों नौकरी ही नहीं देना चाहती है.

लोकसभा में पेपर लीक को लेकर पास हो चुका है विधेयक
बता दें कि 5 फरवरी को प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं से सख्ती से निपटने के लिए लोक परीक्षा विधेयक, 2024 संसद में पास हो गया. इसके मुताबिक परीक्षा में अनियमितता और गड़बड़ी पर अधिकतम 1 से 10 साल तक की जेल और 3 से 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान हो सकता है.
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा रद्द, 6 महीने के अंदर होगा री-एग्जाम
यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा पेपल लीक आरोपों के बीच शासन ने 23 फरवरी तक सबूतों के साथ आपत्तियां मांगी थी. करीब डेढ़ हजार ऑनलाइन शिकायतें भी मिलीं. लेकिन इसी बीच सीएम योगी परीक्षा रद्द करने का ऐलान कर दिया. साथ ही 6 महीने के भीतर फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया है. सीएम योगी ने कहा कि युवाओं की मेहनत और परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ होगी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी.