अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने यूजीसी के अध्यक्ष को पत्र भेज कर यूजीसी-नेट (जून-2024) के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की है. इस सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएचडी में प्रवेश यूजीसी-नेट के परिणाम के आधार पर होना तय हुआ है, ऐसे अनेक विद्यार्थी हैं, जो कुछ कारणों से यूजीसी-नेट के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे.
गौरतलब है कि यूजीसी-नेट (जून, 2024) की 18 जून को आयोजित हुई परीक्षा, पेपर लीक की आशंका में रद्द हो गई थी. अब ये परीक्षा 21 अगस्त से 4 सितंबर 2024 के बीच दोबारा आयोजित की जायेगी. ABVP ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि यूजीसी नेट के स्कोर के माध्यम से ही विभिन्न विश्वविद्यालयों में पीएचडी में प्रवेश मिलना संभव हो सकेगा. इसकी जानकारी कई छात्रों तक नहीं पहुंच पाई थी, ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को पुनः कुछ समय के लिए खोला जाना चाहिए.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने से, छूट गए अभ्यर्थियों को आवेदन का मौका मिलेगा. यूजीसी नेट परीक्षा को जल्द आयोजित कर मिशन मोड में परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने चाहिए. जिससे विश्वविद्यालयों में पीएचडी में प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी की जा सके.
कथित पेपर लीक के कारण इस साल यूजीसी-नेट लगातार चर्चा में बना हुआ है, 18 जून को हुई इस परिक्षा में 11 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन इसे 19 जून को शिक्षा मंत्रालय ने कैंसल कर दिया था. अपने बयान में शिक्षा मंत्रालय ने कहा था कि यूजीसी को गृह मंत्रालय के तहत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की राष्ट्रीय साइबर अपराध खतरा विश्लेषण इकाई से परीक्षा के बारे में कुछ इनपुट मिले थे.