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एजुकेशन न्यूज़

No Exams: वो 8 राज्‍य जहां बिना परीक्षा प्रमोट होंगे छात्र, कोरोना के चलते यहां भी उठी मांग

प्रतीकात्‍मक फोटो (Getty)
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कोरोना की दूसरी लहर बोर्ड परीक्षाओं समेत तमाम परीक्षाओं पर बुरा साया बनकर मंडरा रही है. तमिलनाडु, महाराष्‍ट्र समेत अब तक आठ राज्‍य बिना परीक्षा छात्रों को अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का फैसला ले चुके हैं. लेकिन अभी तक बोर्ड परीक्षाओं खासकर 12वीं को लेकर किसी बोर्ड ने कोई फैसला नहीं लिया है. सीबीएसई, आईसीएसई समेत कई राज्‍य बोर्डों की परीक्षाएं शुरू होने में 22 से 25 दिन बाकी हैं. आइए जानते हैं कि किन राज्‍यों ने बिना परीक्षा किन कक्षओं को आगे प्रमोट करने का फैसला लिया है और कौन से राज्‍यों में कोरोना मरीजों के बढ़ने से परीक्षा टालने या रद्द करने की मांग तेज हुई है.

प्रतीकात्‍मक फोटो
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महाराष्ट्र में कल तक 32,29,547 मामलों की पुष्टि हो चुकी है. यहां कोरोना के कहर को देखते हुए महाराष्‍ट्र राज्‍य शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने घोषणा की है कि राज्‍य के 9वीं-11वीं के छात्र बगैर एग्‍जाम के अगली क्‍लास में प्रमोट किए जाएंगे. शिक्षा बोर्ड ने राज्य में Covid19 मामलों में हो रही तेज बढ़ोत्‍तरी के मद्देनजर कक्षा 9 और 11 की फाइनल परीक्षाओं को रद्द कर दिया है. महाराष्ट्र बोर्ड के छात्रों को इस शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए प्रमोट किया जाएगा. साथ ही ये भी कहा गया है कि राज्‍य में बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन माध्‍यम में ही होंगी. HSC (कक्षा 12) की परीक्षाएं 23 अप्रैल से शुरू होने वाली हैं और SSC (कक्षा 10) की परीक्षाएं 29 अप्रैल से शुरू होंगी. कक्षा 10वीं के छात्रों के प्रैक्टिकल एग्‍जाम पहले ही बोर्ड द्वारा रद्द कर दिए गए थे. महाराष्ट्र राज्य शिक्षा बोर्ड ने यह भी कहा है कि महाराष्ट्र में COVID प्रभावित छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाएं बाद में, जून में आयोजित की जाएंगी.

प्रतीकात्‍मक फोटो (AP)
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वहीं तमिलनाडु सरकार ने एक माह पहले ही ये फैसला ले लिया था कि राज्‍य में 9वीं, 10 वीं और 11 वीं कक्षा के छात्र बिना परीक्षा के पास होंगे. मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी ने नियम 110 के तहत विधानसभा में घोषणा की थी कि 2020-21 के शैक्षणिक वर्ष में इस कक्षाओं के लिए परीक्षा आयोजित नहीं होगी और छात्र सीधे पास कर दिए जाएंगे. मुख्‍यमंत्री ने ये भी कहा था कि महामारी के कारण आई असामान्य स्थिति के चलते शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों के अनुरोध पर यह फैसला लिया जा रहा है.

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने भी इस साल 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के अलावा सभी 11वीं तक सभी कक्षाओं के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला किया था. बोर्ड अधिकारियों के अनुसार कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा ऑनलाइन आयोजित नहीं होगी. न‍ियम के अनुसार यदि कोई छात्र कोविड-19  कंटेनमेंट जोन या लॉकडाउन के कारण अपनी बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाता तो उन्हें फेल नहीं किया जाएगा. इन छात्रों के नाम सूची में ‘सी’ चिह्नित किया जाएगा और उन्हें कोई अंक नहीं दिया जाएगा. इसके बाद उन छात्रों को जिन विषय में उपस्थित नहीं हो सके थे, उन्हें उस विषय में उत्तीर्ण माना जाएगा. छत्तीसगढ़ बोर्ड उन छात्रों के लिए विशेष पूरक परीक्षा आयोजित करेगा, जिनकी अनुपस्थिति के कारण परीक्षा में ‘C’ अंकित किया गया है. ये परीक्षा उनके स्कोरकार्ड से ‘सी’ का निर्धारण करेगी और उनके द्वारा हासिल किए गए अंकों और रैंक में बदल जाएगी. इन छात्रों के लिए परीक्षा के बाद एक नया स्कोर जारी किया जाएगा. 

प्रतीकात्‍मक फोटो (Getty)
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वहीं राजस्‍थान ने अभी सिर्फ पांचवीं तक कक्षाओं में बिना परीक्षा पास होने का नियम तय किया है. यहां कक्षा 6 और 7 के सभी विद्यार्थियों की परीक्षा 15 अप्रैल से 22 अप्रैल तक की समय अवधि में विद्यालय स्तर पर होनी है. सरकार ने कहा है कि विशेष परिस्थितियों या जिले में स्थानीय अवकाश होने पर उस दिन की परीक्षा का आयोजन 23 या 24 अप्रैल को किया जा सकेगा. कक्षा 8 की परीक्षा पूर्व की भांति बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर होगी. वहीं नौवीं की परीक्षा 6 अप्रैल से जारी है जो 22 अप्रैल तक जारी रहेगी. यहां भी अभ‍िभावक कक्षाओं में प्रमोट करने की मांग कर रहे हैं.

प्रतीकात्‍मक फोटो (Getty)
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने इस साल भी सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 8वीं तक के बच्चों को बिना परीक्षा के ही अगली क्लास में प्रमोट करने का फैसला लिया है. यानी पहली से 8वीं तक के बच्चों को अगली क्लास में जाने के लिए एग्जाम नहीं देना होगा. स्कूल शिक्षा विभाग के डीजी विजय किरण आनंद ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं. आदेश में ये भी कहा गया है कि नया एकेडमिक सेशन 1 अप्रैल से शुरू होगा. आदेश के मुताबिक, 8वीं तक के बच्चों को उनकी पिछली क्लास के आधार पर इवैल्यूएट किया जाएगा. इसके अलावा काउंसिल स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से 8वीं तक के बच्चों के फाइनल एग्जाम को भी टाल दिया गया है. अभी यूपी ने नौवीं और 11वीं कक्षा को लेकर कोई फैसला नहीं किया है.

प्रतीकात्‍मक फोटो (Getty)
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दिल्ली सरकार ने भी नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के छात्रों को बिना परीक्षा आगे की कक्षाओं में प्रमोट क‍रने का फैसला लिया था लेकिन महामारी के बढ़ने से राज्‍य के अभ‍िभावक नौवीं और 11वीं को भी बिना परीक्षा प्रमोट करने की मांग कर रहे हैं. वहीं दिल्‍ली राज्‍य में कोरोना की बढ़ती रफ्तार को थामने के लिए नाइट कर्फ्यू भी लगा दिया है. दिल्‍ली पेरेंट्स ऐसोसिएशन ने भी गुरुवार को सभी स्‍कूल तत्‍काल प्रभाव से बंद करने की मांग रखी थी.

प्रतीकात्‍मक फोटो (AP)
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इसके अलावा ओडिशा ने भी पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को बिना परीक्षा के अगली क्‍लास में प्रमोट किया है. वहीं असम सरकार ने भी कक्षा 1 से 9 के छात्रों को बिना परीक्षा के अगली उच्च कक्षाओं में पदोन्नत करने का निर्णय ले लिया है. लेकिन आठवीं तक प्रमोट करने वाले राज्‍यों से लगातार मांग हो रही है कि वो 11वीं तक की कक्षाओं के लिए ये फैसला लें. इसके लिए तम‍िलनाडु एक उदाहरण के तौर पर सबके सामने आया है.

प्रतीकात्‍मक फोटो (PTI)
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बता दें कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मामले में महाराष्‍ट्र के बाद दूसरे नंबर पर केरल है जहां कल तक 11,48,947 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं तीसरे नंबर पर कर्नाटक है जहां 10,40,130 मामले सामने आ चुके हैं. फिर चौथे नंबर पर आंध्रप्रदेश 915,832, पांचवें नंबर तमिलनाडु है जहां 915,386 पॉजिटिव आए हैं. इसी तरह इस पायदान में छठे नंबर दिल्ली है जहां 698,005 मामले आ चुके हैं. इसके बाद उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के अलावा ओडिशा और गुजरात है इन सभी राज्‍यों के अभ‍िभावक सरकार से लगातार अपील कर रहे हैं कि बोर्ड परीक्षाएं ऑनलाइन हों और 11वीं तक के छात्रों को बिना परीक्षा के अगली कक्षाओं में प्रमोट क‍िया जाए.