दुनिया हाल के समय में कई बदलावों का सामना कर रही है. बढ़ती टेक्नोलॉजी ने पूरी अर्थव्यवस्था की दिशा ही बदल दी है. उसी तरह AI दुनिया को नए सिरे से काम करना सिखा रही है. लेकिन लगातार हो रहे बदलाव, परेशानी को भी जन्म दे रहे हैं. इन बदलावों का असर सीधा इंसानों पर पड़ रहा है. बैंकिंग से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य तक हर सेक्टर में AI तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में एक बार फिर से यहीं सवाल खड़ा होता है कि क्या वाकई AI आने वाले टाइम में हमारी नौकरियां छीन लेगा? यह सवाल हर उस व्यक्ति है जो नौकरी कर रहा या नौकरी की तैयारी में जुटा है. दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां भी इस बात को मान रही है कि आने वाले टाइम में AI की वजह से काम करने का पूरा पैटर्न बदल जाएगा.
इसी बीच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की ओर से जारी Future Of Jobs Report 2025 सामने आई है. इस रिपोर्ट में ये साफ बताया गया है कि AI और नई टेक्नोलॉजी एक ओर जहां लाखों नौकरियां खत्म करेंगी तो वहीं, कई बड़ी संख्या में नौकरी का मौका भी देंगी.
डेटा पर आधारित है रिपोर्ट
ये रिपोर्ट केवल एक अंदाजे पर नहीं जारी की गई है बल्कि दुनियाभर की कंपनियों, सरकारों और इंडस्ट्री के डेटा के आधार पर बताती है कि आने वाले समय में रोजगार की कैसी तस्वीर होने वाली है.
बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स का AI मंत्र
AI को लेकर एक तरफ जहां आम लोग दुविधा में फंसे हुए हैं वहीं, बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स की भी इसपर बहुत अलग राय है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर के लीडर्स के बीच AI एक बहुत बड़ा मुद्दा बना हुआ है. सर्वे में शामिल हुए 54 फीसदी बिजनेसमैन का ऐसा मानना है कि आने वाले समय में AI मौजूदा नौकरियों को खत्म कर देगा. वहीं, दूसरी तरफ 24 प्रतिशत बिजनेस एग्जीक्यूटिव्स ऐसे हैं, जो AI को खतरे की बजाय नए रोजगार का माध्यम मान रहे हैं. उनका मानना है कि नई टेक्नोलॉजी के साथ नए अवसर भी पैदा होंगे. रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि 45 प्रतिशत बिजनेसमैन ने AI को प्रॉफिट बनाने वाली तकनीक बताई है. उनका मानना है कि AI से काम तेजी से हो रहा और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ रहा है.
2030 में नौकरियों का क्या है भविष्य ?
AI कामकाज की दुनिया बदल रहा है. आने वाले समय में ये नौकरियों पर इसका क्या असर दिखेगा, इसे लेकर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की रिपोर्ट में 4 संभावित हालात बताए गए हैं.
पहला- तेजी से करेगा विकास
AI तेजी से आगे बढ़ रहा है जिसके लिए लोग भी तैयार हैं. इसका नतीजा ये है कि धीरे-धीरे पूरी अर्थव्यवस्था AI पर आधारित हो रही है, जिसकी वजह से कई पुरानी नौकरियां खत्म हो रही हैं. लोगों से खुद काम करने की जगह AI की देखरेख करने की उम्मीद की जा रही है. इसके साथ ही नई तरह की नौकरियां सामने आ रही हैं. हालांकि, बदलाव इतनी तेजी के साथ हो रहा है कि सरकारों और संस्थाओं के लिए हालात संभालना आसान नहीं हो रहा है.
दूसरा- नौकरी जाने का खतरा
AI तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है और लोग उस हिसाब से अपने आप को ढाल नहीं पा रहे हैं. मशीनों के जरिए कई काम आटोमैटिक हो रहे हैं जिससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरी जा रही है.
तीसरी- अवसर के रूप में पहचान
एक समय में AI को अपनाया जाएगा और खतरे की जगह इसे नौकरी देने के अवसर की तरह देखा जाएगा. जिन देशों और कंपनियों ने पहले से ट्रेनिंग, डिजिटल सिस्टम और AI के नियमों में निवेश किया, वे जल्द से जल्द नई टेक्नोलॉजी को अपनाने और उसका फायदा उठाने में आगे हो जाएंगे.
चौथा- रुकी गई प्रगति
AI का विस्तार तेजी के साथ तो हो रहा है लेकिन कम स्किल वाले लोग इसका पूरा फायदा नहीं उठा पा रहे हैं. AI एप्लीकेशन्स कमजोर है और उम्मीद के अनुसार प्रॉफिट नहीं दे पा रही है. प्रॉफिट उन कंपनियों को मिल रही है, जहां AI की लोगों को अच्छी समझ है.
इस तरह करें फ्यूचर प्लानिंग
इस रिपोर्ट में फ्यूचर प्लानिंग किस तरह करें, इसे लेकर भी जानकारी दी गई है.