उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 के लिए अधिसूचना जारी कर दी है. इस बार ये भर्ती 32,679 सिपाही के पदों पर होनी है. भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 31 दिसम्बर 2025 से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तारीख 30 जनवरी 2026 है.
ये भर्तियां महिला और पुरुष दोनों के लिए होंगी. उम्मीदवारों को ओटीआर के जरिये आवेदन करना होगा. इस बार ये भर्तियां कॉन्स्टेबल सिविल पुलिस, कॉन्स्टेबल पी.ए.सी./आर्म्ड पुलिस, कॉन्स्टेबल स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स, महिला बटालियन के लिए महिला कॉन्स्टेबल, जेल वार्डर (पुरुष) और अन्य सहित अलग-अलग कैटेगरी के लिए होनी हैं.
सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी सोशल मीडिया पर विरोध कर सरकार से आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती के लिए हाल ही में नोटिफिकेशन के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी सरकार से आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने की मांग कर रहे हैं.
उम्र में छूट की मांग
यूपी पुलिस भर्ती के नवीनतम विज्ञापन में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा 18 से 22 वर्ष निर्धारित की गई है, परन्तु अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में देरी के कारण कई योग्य उम्मीदवार ओवरएज हो गए हैं और उन्हें तीन साल की छूट देने की जरूरत है.
इस मुद्दे पर अब बीजेपी के गठबंधन साथी निषाद पार्टी के विधायक ने भी समर्थन जताया है. विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस के पीएसी और जेल वाडर की भर्ती काफी लंबे समय से लंबित थी, यह भर्तियां दोबारा 7 वर्षों के बाद आई हैं.
सामान्य वर्ग के छात्रों को इसमें अवसर नहीं मिल पा रहा है क्योंकि भर्ती का इंतजार करते करते वो overage हो चुके हैं. मुख्यमंत्री जी ने भी जनता दर्शन में नौजवानों को आश्वासन दिया था। मैने भी मुख्यमंत्री को इस मामले में पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के छात्रों के हित में निर्णय लेने की मांग की है.
हालांकि, जहां तक भर्ती की बात है इसमें आरक्षण नियमावली का पालन किया गया है. अभ्यर्थियों की मांग जायज़ है लेकिन सरकार के लिए इसमें बदलाव करना भी एक बड़ा चैलेंज है. हालांकि, विशेषज्ञों की माने तो पहले कुछ भर्तियों में आयु सीमा को लेकर बदलाव किए गए हैं. देखना होगा क्या सरकार इसका की हल निकाल पाएगी.
इस भर्ती को लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. अखिलेश यादव ने X पर लिखा है - भाजपा सरकार की ख़ामियों के कारण अनियमित हुई पुलिस भर्ती और उसकी वजह से ओवरएज हो गये अभ्यर्थियों को उम्र की छूट देकर, उप्र सरकार नव वर्ष का तोहफ़ा दे. भाजपा सरकार की लचर और दोषपूर्ण भर्ती प्रक्रिया का ख़ामियाज़ा बेरोज़गार युवा क्यों भुगतें. हम पुलिस भर्ती के हर अभ्यर्थी की मांग के साथ हैं. युवाओं का भविष्य ही देश का भविष्य है.
अधिकारी ने बात करने से मना किया
क्या इस मामले में सरकार या भर्ती बोर्ड की तरफ से कुछ हो सकता है. इस पर जब उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड पहुंचा तो वहां के अध्यक्ष और डीजी एस.बी. शिरोडकर से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमे अगर पता होता कि आप इस बारे में सवाल करेंगे तो हम आपसे बात नहीं करते. इस भर्ती को लेकर मैं बात नहीं कर सकता हूं.