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जीने की राह बताते हैं टैगोर के ये विचार

रबींद्रनाथ टैगोर एकमात्र कवि हैं जिनकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान बनीं. वे अकेले ऐसे भारतीय साहित्यकार हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है. जानें जीवन के प्रति सकारात्‍मक बनाते गुरुदेव के प्रेरणादायक विचार:

रवींद्रनाथ टैगोर रवींद्रनाथ टैगोर

राष्ट्रगान के रचयिता रबींद्रनाथ टैगोर पारंपरिक ढांचे के लेखक नहीं थे. वे एकमात्र कवि हैं जिनकी दो रचनाएं दो देशों का राष्ट्रगान बनीं. भारत का राष्ट्रगान जन गण मन और बांग्लादेश का राष्ट्रीयगान आमार सोनार बांग्ला गुरुदेव की ही रचनाएं हैं. वे अकेले ऐसे भारतीय साहित्यकार हैं जिन्हें नोबेल पुरस्कार मिला है. जानें जीवन के प्रति सकारात्‍मक बनाते गुरुदेव के प्रेरणादायक विचार:

1. हम दुनिया में तब जीते हैं जब हम उसे प्रेम करते हैं.

2. हम तब स्वतंत्र होते हैं जब हम पूरी कीमत चुका देते हैं.

3. कट्टरता सच को उन हाथों में सुरक्षित रखने की कोशिश करती है जो उसे मारना चाहते हैं.

4. मित्रता की गहराई परिचय की लम्बाई पर निर्भर नहीं करती .

5. जब मैं खुद पर हंसता हूं तो मेरे ऊपर से मेरा बोझ कम हो जाता है.

6. हम महानता के सबसे करीब तब होते हैं जब हम विनम्रता में महान होते हैं.

7. मिटटी के बंधन से मुक्ति पेड़ के लिए आज़ादी नहीं है.

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