एक नौकरी तो वो होती है, जिसमें दिन-रात लगा रहना पड़ता है और पैसे भी मेहनत के हिसाब से नहीं मिलते. लेकिन, कुछ काम ऐसे भी हैं, जिनमें मेहनत कम होती है और कमाई ज्यादा.आज की ग्लोबल और डिजिटल इकोनॉमी ने ऐसे अजीब-ओ-गरीब प्रोफेशन पैदा कर दिए हैं, जहां मेहनत कम और पेमेंट ज्यादा दिखती है. तो जानते हैं उन नौकरियों के बारे में, जिनमें मोटी कमाई होती है, जिनके बारे में जानकर आप भी कहेंगे- 'ये भी कोई काम है?'
प्रोफेशनल कडलर
इसमें सबसे पहले बात करते हैं प्रोफेशनल कडलर की. यह नौकरी सुनने में मज़ाक लगती है, लेकिन कई देशों में लोग सिर्फ किसी को भावनात्मक सहारा देने के लिए पैसे लेकर “कडल” करते हैं. इसमें कोई रोमांस नहीं—बस अकेलेपन से जूझ रहे लोगों को मानसिक सुकून देना होता है. सेशन के हिसाब से कमाई होती है, और कई बार प्रति घंटे हजारों रुपये तक मिल जाते हैं.
कई देशों में इसका चलन काफी बढ़ गया है. इसके लिए कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी हैं, जहां आप लॉग इन करके प्रोफेशनल कडलर बन भी सकते हैं या कडलर को बुक भी कर सकते हैं. इससे कडलर बुक करने पर यूजर को कडलर की डिटेल मिल जाती है और वो यूजर कडलर से बात कर लेता है. इस काम के लिए उन्हें घंटे के हिसाब से पैसे मिलते हैं, अमेरिका यूरोप में तो घंटे के हिसाब से 3 हजार से 10 हजार रुपये तक मिलते हैं.
लाइन स्टैंडर
इसके बाद दूसरी अनोखी नौकरी है लाइन स्टैंडर. जहां बड़ी बड़ी लाइनें लगी होती हैं, वहां लाइन में खड़े होने से बचने के लिए किसी दूसरे को अपनी जगह खड़ा कर देते हैं और उन्हें इसके बदले में पैसे मिलते हैं. बड़े प्रोडक्ट लॉन्च, टिकट सेल या सरकारी प्रक्रियाओं में लंबी लाइन से बचने के लिए लोग पैसे देकर किसी और को अपनी जगह खड़ा कर देते हैं. यानी काम सिर्फ लाइन में खड़े रहना और बदले में मोटी रकम. विदेशों में तो लोग इसे फुल-टाइम प्रोफेशन की तरह करते हैं.
लाइन स्टैंडर का काम कई लोग पार्ट टाइम तो कई प्रोफेशनल रूप में फुल टाइम करते हैं. इसके लिए भी विदेश में कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं, जहां से आप उन्हें बुक कर सकते हैं. इसके अलावा जहां लाइन लंबी होती हैं, वहां भी लोगों को घंटे के हिसाब से हायर किया जा सकता है. इस काम के लिए भी घंटे के हिसाब से पैसे मिलते हैं.
ऐसा ही एक और काम है स्लीप टेस्टर. होटल, मैट्रेस कंपनियां या रिसर्च लैब्स ऐसे लोगों को हायर करती हैं जिनका काम होता है- सोना. उन्हें अलग-अलग बेड या वातावरण में सुलाकर देखा जाता है कि नींद कितनी अच्छी आती है. सोचिए, जहां लोग नींद के लिए तरसते हैं, वहां किसी को सोने के पैसे मिलते हैं. इसके अलावा कई रिसर्च करने वाली लोग भी ऐसे लोगों को हायर करते हैं और स्लिप या मेंटल कंडीशन पर रिसर्च करते हैं.