आज के दौर में जहां नौकरी पाना किसी बड़े चैलेंज से कम नहीं है. लेकिन कई बार आप जब कुछ करने ठान लेते हैं, तो रास्ते अपने आप खुल जाते हैं. ऐसा ही एक पोस्ट सोशल मीडिया रेडिट पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस पोस्ट में एक 33 साल के शख्स ने बताया कि दिल्ली के एक नामी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद जब उसने एक नामी इंजीनियरिंग कॉलेज से ड्रॉपआउट हुआ, तो शायद किसी ने नहीं सोचा था कि वह जिंदगी के इस मोड़ से उठकर कॉर्पोरेट जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा. यह कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है, जहां एक इंट्रोवर्ट लड़का शादियों और पार्टियों में एंकरिंग करने और कॉल सेंटर में काम करने से शुरुआत करता है और आज देश के सबसे बड़े आईवियर ब्रांड लेंसकार्ट में एक सीनियर टेक पोजीशन पर पहुंच चुका है.
शादियों में किया एंकरिंग
साल 2016 में जब शख्स ने करियर की शुरुआत की थी तो, तो हालात बहुत अच्छे नहीं थे.डिस्टेंस एजुकेशन से जैसे-तैसे बीबीए (BBA)की डिग्री पूरी करने के साथ ही उन्होंने कॉल सेंटर्स और इवेंट्स में छोटे-मोटे काम करना शुरू किया. स्वभाव से शांत और इंट्रोवर्ट होने के बावजूद उन्होंने शादियों और पार्टियों में एंकरिंग जैसे मुश्किल काम को गले लगाया जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़े.
शुरुआत में मिलते थे 5 से 20 हजार रुपये
शुरुआत में महीने के मुश्किल से 5 से 20 हजार रुपये मिलते थे, लेकिन इस काम ने मेरे भीतर के डर को खत्म कर दिया, जिस आत्मविश्वास की मुझे तलाश थी मुझे इस काम से मिली. इसके बाद साल 2018 से 2021 तक उन्होंने सेल्स सेक्टर में काम किया. यहां उनकी सैलरी 20 से 32 हजार रुपये के बीच रही. सेल्स की इस नौकरी ने उन्हें न सिर्फ बिजनेस की समझ दी बल्कि उनकी कम्युनिकेशन स्किल्स को अच्छा बना दिया.
सेल्फ-लर्निंग से बने फुल स्टैक इंजीनियर
इसके बाद साल 2022 उनके जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. सेल्स की नौकरी करते हुए उन्होंने आईटी (IT) सेक्टर में जाने का फैसला किया. बिना किसी रेगुलर इंजीनियरिंग डिग्री के यह राह आसान नहीं थी. उन्होंने काम के बाद रात-रात भर जागकर खुद कोडिंग सीखी और इस सफर में अपनी सॉफ्टवेयर इंजीनियर बहन से मेंटरशिप ली. उनकी मेहनत रंग लाई और 2022 में उन्हें 45,000 रुपये प्रति माह की नौकरी के साथ आईटी इंडस्ट्री में पहला ब्रेक मिला.

इसके बाद उनका ग्राफ तेजी से बढ़ा. साल 2023 में एक स्टार्टअप ने उनके हुनर को देखते हुए सीधे सीनियर इंजीनियर के पद की जिम्मेदारी संभाली जहां पर उनकी सैलरी 71,000 रुपये हो गई.
1 लाख का आंकड़ा पार
सफलता के इस रास्ते में साल जनवरी 2024 में उन्हें एक बड़ा झटका लगा. आर्थिक मंदी के कारण स्टार्टअप से उनकी छंटनी हो गई. इस दौरान उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी थी. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और खूब मेहनत किया. इसके लिए उन्होंने एग्रेसिव जॉब सर्च करना शुरू किया और मई 2024 में उन्हें देश की एक बेहद प्रतिष्ठित और बड़ी संस्था में जगह बनाई. यहां पहली बार उन्होंने 1.15 लाख रुपये प्रति माह के आंकड़े को छूकर अपनी वित्तीय स्थिति को न सिर्फ सुधारा बल्कि एक बेहतरीन मैनेजर के तहत काम करते हुए तकनीकी रूप से खुद को मजबूत किया.
लेंसकार्ट बनी बड़ी छलांग
एक शानदार कंपनी और अच्छे माहौल में काम करते हुए अक्सर लोग कंफर्ट जोन में चले जाते हैं लेकिन इस 33 साल के युवा की भूख अभी शांत नहीं हुई थी. उन्होंने खुद को चुनौती दी और देश की दिग्गज कंपनी लेंसकार्ट का इंटरव्यू क्रैक कर लिया. आज वह लेंसकार्ट में 1.65 लाख रुपये प्रति माह की सैलरी पैकेज पर काम कर रहे हैं. इसके साथ ही वह डिस्टेंस मोड से अपना एमसीए(MCA) भी पूरा कर रहे हैं ताकि उनकी पढ़ाई का ग्राफ भी आगे बढ़ता रहे.