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Agnipath Scheme: क्या अग्निवीर 4 साल से पहले छोड़ सकते हैं सेना, या पूरा ही करना होगा कार्यकाल?

Agnipath Entry and Exit Scheme 2022 In Hindi: अग्निपथ स्कीम के माध्यम से अग्निवीरों का कार्यकाल केवल 4 साल का ही होगा. इसके बाद उन्हें बाहर कर दिया जाएगा. देशभर में युवा इसी बात का विरोध कर रहे हैं. मामला यह भी है कि अब केवल अग्निवीरों को ही सेना में शामिल किया जाएगा.

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Agnipath Entry and Exit Scheme (सांकेतिक तस्वीर) Agnipath Entry and Exit Scheme (सांकेतिक तस्वीर)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वायु सेना में 24 जून से शुरू होगी अग्निवीरों की भर्ती
  • 30,000 रुपये से शुरू होगी सैलरी

Agnipath Entry and Exit Scheme: भारतीय वायु सेना ने रविवार को केंद्र सरकार की 'अग्निपथ' योजना ('Agnipath' Scheme) की डिटेल्स जारी कर दी हैं, जिसमें पात्रता मानदंड, आयु सीमा, शैक्षिक योग्यता समेत कई पहलुओं की जानकारी दी है. भारतीय वायु सेना (IAF) में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया 24 जून से शुरू होगी जबकि 25 जून इंडियन नेवी और 01 जुलाई से आर्मी में अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी. वहीं 30 दिसंबर से शुरू पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी. ट्रेनिंग से पहले स्पेशल मेडिकल एलिजिबिलिटी की शर्तों को पूरा करना होगा और एक ट्रेनिंग के दौरान वर्दी पर एक स्पेशल साइन (प्रतीक चिन्ह) पहनना होगा.

वापस नहीं होगी 'अग्निपथ' स्कीम

19 जून, रविवार को अग्निपथ स्कीम को लेकर देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. जिसमें सेना ने अग्निपथ स्कीम को वापस लेने से साफ इनकार कर दिया है. अपने बयान में कहा है कि अग्निपथ स्कीम वापस नहीं ली जाएगी.

FIR दर्ज हुई तो नहीं बन पाएंगे अग्निवीर

सेना ने हिंसक प्रदर्शन कर रहे युवाओं को साफ-साफ कह दिया है कि जिन उम्मीदवारों पर FIR दर्ज होगी, उन्हें अग्निवीर बनने का मौका नहीं दिया जाएगा. लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी ने कहा कि जब आवेदन के समय उम्मीदवारो को बताया होगा कि वे अग्निपथ योजना के विरोध के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों में शामिल थे या नहीं.

चार साल से पहले सेना छोड़ सकते हैं अग्निवीर या नहीं?

नोटिफिकेशन के मुताबिक, सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीर अपनी मर्जी से चार साल से पहले सेवाएं नहीं छोड़ सकते हैं. उन्हें अपना कार्यकाल पूरा करना होगा. केवल असाधारण परिस्थितियों में ही कोई अग्निवीर चार साल से पहले सेना छोड़ सकता है. इस मामले में उसे सेवा निधि पैकेज का वही हिस्सा मिलेगा जो उसने योगदान किया है जबकि सरकारी योगदान से वंचित रहना पड़ेगा.

कौन कर सकता है आवेदन?

मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं और 12वीं पास युवा अग्निवीर बन सकते हैं. जो 10वीं के बाद अग्निवीर बनेंगे उन्हें सेना की ओर से 12वीं पास का सर्टिफिकेट के साथ स्किल इंडिया, फिट इंडिया आदि योजनाओं के तहत सर्टिफिकेट दिया जाएगा. आवेदकों की आयु सीमा 17.5 वर्ष से 21 वर्ष तक तय की गई है. हालांकि इस साल के लिए अधिकतम आयु सीमा में 2 वर्ष की छूट भी मिलेगी.

 

 

कितना मिलेगा वेतन?

अग्निवीरों को पहले साल 30,000 रुपये, दूसरे साल 33,000 रुपये, तीसरे साल 36,500 रुपये और चौथे साल 40,000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा. इसमें 70 प्रतिशत इन हैंड जबकि बाकी 30 प्रतिशत अग्निवीरों के फंड में जमा किया जाएगा. चार साल फंड में जमा राशि 5.02 लाख रुपये होगी जबकि सेना से बाहर आने के बाद सेना निधि पैकेज के 10.04 लाख रुपये दिए जाएंगे.

अन्य लाभ

अग्निवीरों को 48 लाख का गैर अंशदायी जीवन बीमा कवर होगा. अगर सेवा के दौरान मृत्यु होती है तो अग्निवीरों को 4 साल की सेवा अवधि के दौरान 48 लाख रुपये का बीमा कवर मिलेगा. इसके अलावा उन्हें 44 लाख रुपये की एकमुश्त राशि भी दी जाएगी. चार साल की नौकरी में जितनी सेवा बची रहेगी उसकी सैलरी भी परिवार को दी जाएगी. अग्निवीर के सेवानिधि फंड में जितने पैसे जमा हुए होंगे उसमें सरकार का योगदान और उसपर ब्याज भी अग्निवीर के परिवार को दिया जाएगा.

बता दें कि अग्निपथ योजना  के तहत पूरे भारत से वरीयता के आधार पर तीनों सेनाओं (थल, वायु और नौ सेना) में चयन होगा. 75 फीसदी युवा 4 साल की सर्विस के बाद बाहर हो जाएंगे और 25 फीसद को आगे भी सेना में शामिल कर लिया जाएगा. खास बात यह है कि इस प्रक्रिया में महिला और पुरुष दोनों शामिल हो सकते हैं. इन्हें 6 महीने का सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा.

 


 

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