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महाराष्ट्र सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए खत्म किया 70:30 कोटा

medical admission quota: नीट परीक्षा के आयोजन से पहले महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है. इसके अनुसार अब मेडिकल कोर्सेज में महाराष्ट्र ने 70:30 एडमिशन कोटा हटा दिया है. पढ़ें डिटेल

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देशभर में NEET 2020 परीक्षा का आयोजन 13 सितंबर 2020 को होने जा रहा है. ये मेडिकल की पढ़ाई के लिए ली जाने वाली अकेली सबसे बड़ी परीक्षा है, जिसके जरिये देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में मेडिकल यूजी कोर्सेज में प्रवेश मिलता है. बता दें कि इस बार नीट परीक्षा में सबसे ज्यादा उम्मीदवार महाराष्ट्र से शामिल होने जा रहे हैं. इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के संबंध में बड़ी घोषणा की है. 

महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को राज्य में चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 70:30 रीजनवाइज फॉर्मूला तैयार किया. इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक राज्य विधानसभा में एक घोषणा करते हुए, चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने कहा है कि मेड‍िकल यूजी कोर्स में अब प्रवेश राष्ट्रीय सह पात्रता प्रवेश परीक्षा (NEET) के रिजल्ट पर आधारित होगा. मंत्री ने कहा कि अब 70:30 कोटा के बजाय 'एक महाराष्ट्र, एक योग्यता' होगा. 

बता दें कि अब तक मेडिकल कॉलेजों में 70 फीसदी स्थानीय (उस क्षेत्र से) और बाकी राज्यों से 30 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था थी. बता दें कि स्टूडेंट्स और पैरेंट्स लंबे समय से मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन के लिए बने इस 70:30 फॉर्मूला को खत्म करने की मांग कर रहे थे. 

अभी तक इस कोटे के तहत किसी रीजन के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन में वहां के स्थानीय लोगों के लिए 70 फीसदी सीटें आरक्षित होती थीं. इसके बाद बची हुईं 30 फीसदी सीटों पर राज्य के अन्य क्षेत्रों के स्टूडेंट्स को एडमिशन मिल पाता था. 

 

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