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स्नाइपर की 6 गोलियां झेल लेगा नया 'कवच', बाकी बंदूकें फेल... देश में बनी नई बुलेटप्रूफ जैकेट

DRDO ने सबसे हल्की और मजबूत बुलेटप्रूफ जैकेट बनाई है. यह जैकेट 7.62 कैलिबर की छह गोलियां बर्दाश्त कर सकती है. अक्सर इस कैलिबर की गोलियां स्नाइपर इस्तेमाल करते हैं. बाकी बंदूकों की गोलियां तो इसके आगे फेल हैं. आइए जानते हैं इसकी खासियत...

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बाएं से दाएं... पूरी बुलेटप्रूफ जैकेट और उसका फ्रांट आर्मर प्लेट. (फोटोः DRDO)
बाएं से दाएं... पूरी बुलेटप्रूफ जैकेट और उसका फ्रांट आर्मर प्लेट. (फोटोः DRDO)

भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मिलिट्री और अर्धसैनिक बलों के लिए सबसे हल्का बुलेटप्रूफ जैकेट बनाया है. इसका बचाव स्तर लेवल 6 है. यानी सबसे ज्यादा खतरनाक लेवल के हमलों को भी बर्दाश्त कर रहा है. इसे बनाया है डीआरडीओ की कानुपर में मौजूद डिफेंस मटेरियल एंड स्टोर्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट इस्टैबलिशमेंट (DMSRDE) ने. 

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यह देश में बनी अब तक की सबसे हल्की बुलेटप्रूफ जैकेट हैं. जो 7.62x54 R API जैसी गोलियों की मार को भी बर्दाश्त कर लेगी. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस बुलेटप्रूफ जैकेट ने टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी में सभी परीक्षण सफलतापूर्वक पार कर लिए हैं. इस जैकेट की डिजाइन भी नई है. मटेरियल भी नया और मजबूत है. 

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इस बुलेटप्रूफ जैकेट का अगल हिस्सा यानी फ्रंट हार्ड आर्मर प्लेट (HAP) 7.62x54 R API की छह गोलियां बर्दाश्त कर सकता है. इसे बनाने के लिए मोनोलिथिक सिरेमिक प्लेट लगाई गई है. जिसके पीछे पॉलीमर की बैकिंग लगाई गई हैं. यानी यह बुलेटप्रूफ जैकेट 7.62 कैलिबर की गोलियों की मार झेल सकता है. जिसे अक्सर स्नाइपर इस्तेमाल करते हैं.  

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