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आईएसआईएस के खिलाफ दो खेमों में लड़ी जा रही है जंग

आतंक और खौफ का खात्मा करने के लिए दुनिया के तमाम मुल्कों ने आईएसआईएस के खिलाफ सीधी जंग छेड़ दी है. लेकिन इस जंग में हमला एक साथ मिलकर नहीं बल्कि दो गुटों में बंट कर किया जा रहा है. इसी जंग में टर्की ने आईएसआईएस के ठिकानों पर बम बरसा रहे रूसी जंगी जहाज को मार गिराया. जब रूस भड़का तो अमेरिका टर्की के साथ खड़ा हो गया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आपस में मतभेद रखने वाले देश बगदादी और आईएसआईएस का खात्मा कर पाएंगे.

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पुतिन और ओबामा इस जंग को अलग अलग लड़ रहे हैं
पुतिन और ओबामा इस जंग को अलग अलग लड़ रहे हैं

आतंक और खौफ का खात्मा करने के लिए दुनिया के तमाम मुल्कों ने आईएसआईएस के खिलाफ सीधी जंग छेड़ दी है. लेकिन इस जंग में हमला एक साथ मिलकर नहीं बल्कि दो गुटों में बंट कर किया जा रहा है. इसी जंग में टर्की ने आईएसआईएस के ठिकानों पर बम बरसा रहे रूसी जंगी जहाज को मार गिराया. जब रूस भड़का तो अमेरिका टर्की के साथ खड़ा हो गया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या आपस में मतभेद रखने वाले देश बगदादी और आईएसआईएस का खात्मा कर पाएंगे.

पाकिस्तान ने जंग में हिस्सा लेने से साफ इनकार कर दिया
पाकिस्तान का असली चेहरा उजागर
आईएसआईएस और रूस के साथ हैं तो कई अमेरिका के साथ. अपने-अपने कूटनीतिक नफे नुकसान को देखते हुए ये खेमेबंदी हो रही है. लेकिन इन सबके बीच पाकिस्तान का असली चेहरा फिर सामने आ गया है. उसने आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई में अपनी फौज भेजने से इनकार कर दिया है.

आईएस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है
दुनिया को दहला रहा है बगदादी
आतंक के आका रखा है. महज़ दो साल में सीरिया और इराक़ के ज्यादार इलाकों पर कब्जा करने के बाद बगदादी के आतंकी संगठन आईएसआईएस ने अब दुनिया के दूसरे इलाकों को भी बम बारूद और गोलियों से दहलाना शुरू कर दिया है. आज के दौर के इस सबसे बड़े आतंकी शैतान के खिलाफ जिसने भी कदम उठाया, बगदादी उसी का दुश्मन बन गया.

आईएस के खिलाफ दो गुट लड़ रहे हैं
आईएस के खिलाफ जंग में दो खेमें
अब बगदादी और उसके संगठन के खिलाफ सारी दुनिया ने जंग छेड़ दी है. हालांकि अभी भी ये जंग एकजुट नहीं बल्कि दो गुटों में बंटी हुई है. इस जंग को लड़ रहे हैं. और शायद आईएसआईएस की सांसें इसी बंटवारे पर टिकी हैं. इस वक्त आईएसआईएस के खिलाफ एक ओर है रूस. जिसके साथ है सीरिया और इराक जैसे वो देश जो अमेरिका का विरोध करते हैं. और दूसरी तरफ है अमेरिका. जिसके साथ ब्रिटेन, टर्की समेत बाकी पश्चिमी देश हैं.

सीरिया ने अब भारत से भी मदद मांगी है
भारत से मांग रहे हैं मदद
इस जंग में सीरिया के राजदूत ने की है. भारत के रूस के साथ हमेशा से बेहतर रिश्ते रहे हैं. दुनियाभर में भारत की बढ़ती ताकत ने अमेरिका को भी हिंदुस्तान का साथी बना दिया है. भारत ने वक्त पड़ने पर सीरिया को पूरी मदद का भरोसा दिया है. जबकि आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तान के पाखंड का एक बार फिर पर्दाफाश हो गया है.

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