मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में 3 साल की एक बच्ची के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है. हैरानी की बात यह है कि नाबालिग बच्ची को साथ यह करतूत उसी के स्कूल में हुई है. घटना का पता चलते ही पीड़ित बच्ची के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी. तफ्तीश को दौरान पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
ग्वालियर के एक निजी स्कूल में तीन साल की एक मासूम बच्ची के साथ यौन शोषण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. झांसी रोड पुलिस ने इस मामले में एक बस ड्राइवर समेत पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया है. लेकिन बीते शुक्रवार को आरोपियों के परिजनों ने स्कूल में पहुंचकर हंगामा कर दिया. आरोपियों के परिजनों का कहना है कि घटना स्कूल परिसर में हुई और इस हरकत के लिए स्कूल का स्टाफ जिम्मेदार है.
अपनी दलील के समर्थन में आरोपियों के परिजनों ने बताया कि ड्राइवर और क्लीनरों को स्कूल के अंदर जाने की पाबंदी है इसीलिए वह सभी बेकसूर हैं. गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने इस संबंध में पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है. उधर स्कूल में हुई इस घटना के खिलाफ शहर के सामाजिक संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है. शुक्रवार को एसएफआई के सदस्यों ने स्कूल में धरना प्रदर्शन किया.
हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे सदस्यों में महिलाएं भी शामिल थी. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूल में हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच होना चाहिए. इनका आरोप है कि वारदात के वक्त स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए थे. इसीलिए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से अपील की है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच हो. हंगामे की खबर लगते ही पुलिस के आला अधिकारी पूरे दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए और हंगामे को शांत कराया.