दिल्ली के शाहदरा इलाके में खुलेआम गुंडागर्दी और दबंगाई हो रही है. इसकी ताजा मिसाल बीती शाम सरेआम बीच सड़क देखने को मिली. जहां कुछ युवकों ने जमकर उत्पात मचाया. खूब जमकर कुर्सियां चली और एक युवक पर लात घूसे बरसाए गए. सबसे बड़ी बात ये है कि इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
गुंडागर्दी की यह वारदात सोमवार की रात करीब आठ बजे की है. शाहदरा की बाबपुर रोड पर मशहूर काशी राम दूधवाले की दुकान है. दुकान पर अक्षित गर्ग नामक एक युवक खड़ा हुआ था. तभी उसके पास एक लड़का आकर बात करने लगा. इसी दौरान उसने अक्षित के कंधे पर ऐसे हाथ रखा कि वो भाग न पाए. और फिर वहां आए कुछ युवकों ने सोची समझी सजिश के तहत अक्षित पर हमला बोल दिया.
अचनाक हुए इस हमले को देखकर कोई कुछ समझ नहीं पाया. अक्षित जान बचाने के लिए दुकान में घुस गया. लेकिन युवक को मारने वाले बदमाश उसके पीछे दुकान में घुसे और उसको खींच कर बाहर निकाल लाए. फिर उसकी जमकर पिटाई करने लगे. इसी दौरान हमलावरों ने बीच बचाव करने आए दुकानवालों पर भी हमला बोल दिया.
हमलावरों ने कुर्सियां फेंकनी शुरू कर दी. जो भी मार-पीट में बीच बचाव कराने आया उसकी भी पिटाई की गई. जहां जो मिला वो एक दूसरे को मारने लगा. इस वारदात से पूरे बाज़ार में ट्रैफिक जाम हो गया. कुछ देर के लिए बवाल रुका लेकिन दुकान पर आए बदमाश हर हाल में अक्षित को मारना चाहते थे इसलिए दोबारा उसको बाहर की तरफ खींचने लगे. सड़क पर चल रही इस जंग को देखकर हर राहगीर हैरान था.
दरअसल, बदमाशों की टोली अक्षित को जान से मारने पर इसलिए तुली थी कि रविवार को उसने शाहदरा की तंग गली में तेज़ी से आ रही एक सेफद रंग की स्विफ्ट कार के चालक को गाड़ी संभाल कर चलाने को बोल दिया था. इतना कहकर ही अक्षित ने अपनी जान मुसीबत में डाल दी. कार सवार युवकों को यह बात इतनी नगावार गुजरी उन्होंने अक्षित का रास्ता रोक कर उससे लड़ना शुरू कर दिया था.
कुछ लोगों ने बीच बचाव कराकर मामला शांत करा दिया था लेकिन अक्षित के मुताबिक कार सवार शराब के नशे में थे और वो बार बार उसे देख लेने की धमकी दे रहे थे. उसी का नतीजा था कि सोमवार को उन्होंने अक्षित को अपना शिकार बना लिया और उस पर हमला कर दिया. सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि मामला पुलिस में भी गया लेकिन शाहदरा पुलिस ने सारे सबूत, शिकायतकर्ता और चश्मदीद होने के बवाजूद भी हमलावरों पर कोई कार्रवाई नहीं की.