मध्य प्रदेश के शिवपुरी से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है. शिवपुरी में दो मासूम बच्चों की हत्या कर दी गई क्योंकि वे पंचायत भवन के सामने शौच कर रहे थे. मारे गए बच्चों की उम्र महज 11 और 12 साल है. बच्चों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.
दोनों बच्चे दलित समुदाय के थे. इस मामले पर बसपा की मुखिया ने भी ट्वीट कर केंद्र की बीजेपी और राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. मायावती ने हत्यारों के लिए फांसी की सजा की मांग की है.
2. कांग्रेस व बीजेपी की सरकार बताए कि गरीब दलितों व पिछड़ों आदि के घरों में शौचालय की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई है? यह सच बहुत ही कड़वा है तो फिर खुले में शौच को मजबूर दलित युवकों की पीट-पीट कर हत्या करने वालों को फांसी की सजा अवश्य दिलायी जानी चाहिए।
— Mayawati (@Mayawati)
घटना शिवपुरी के भावखेड़ी गांव की है जहां बुधवार की सुबह पंचायत भवन के सामने शौच करने पर दो व्यक्तियों ने दो दलित बच्चों को कथित तौर पर पीट-पीटकर मार डाला. घटना के बाद सूचना पाकर मौके पर पहुंची सिरसोद पुलिस ने दो आरोपियों हाकिम यादव और उसके भाई रामेश्वर यादव को गिरफ्तार कर लिया है.
Madhya Pradesh: Two children were allegedly beaten to death by two men for defecating in open in Shivpuri, today. Rajesh Singh Chandel, SP Shivpuri says, "the accused have been detained & are being interrogated. Further investigation is being done."
— ANI (@ANI)
पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घटना में दो ही व्यक्ति कथित तौर पर शामिल थे. बुरी तरह पीटे जाने से दोनों बच्चों (रोशनी वाल्मीकि, 12 साल और अविनाश वाल्मीकि, 10 साल) को गंभीर चोटें आईं. इसके बाद बच्चों को जिला अस्पताल ले जाने के बाद अस्पताल के डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया.
बच्चों के परिजनों का कहना है कि दोनों बच्चों को सुबह करीब साढ़े छह बजे बुरी तरह पीटा गया. मृतक अविनाश के पिता मनोज वाल्मीकि ने कहा कि उनका गांव यादव बहुल है और गांव में उनके साथ जातिगत आधार पर भेदभाव किया जाता रहा है.
पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक मनोज ने बताया, 'दो साल पहले मेरी आरोपियों से बहस हुई थी और उन्होंने मुझे जातिगत गालियां देते हुए मारने की धमकी दी थी. इसके अलावा वे चाहते थे कि मैं कम पैसे में उनके लिये मजदूरी करुं.'
पुलिस ने दोनों आरोपियों पर हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचारों की रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.