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लॉकडाउन के बीच कांग्रेस नेता की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने किया सरेंडर

जबलपुर में पुलिस प्रशासन लॉकडाउन का पालन कराने में जुटा है. लेकिन इसी दौरान थाना हनुमानताल इलाके में कांग्रेस नेता और राधा कृष्ण वार्ड के पूर्व पार्षद धमेंद्र सोनकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

पूर्व पार्षद धमेंद्र और आरोपी मोनू के बीच जमीनी विवाद चल रहा था (फोटो- धीरज) पूर्व पार्षद धमेंद्र और आरोपी मोनू के बीच जमीनी विवाद चल रहा था (फोटो- धीरज)

लॉकडाउन के बावजूद मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक कांग्रेस नेता की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतक नेता पूर्व पार्षद भी थे. हत्या की इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. हालांकि हत्या के बाद आरोपी ने खुद थाने जाकर सरेंडर कर दिया. कत्ल की वजह आपसी रंजिश बताई जा रही है.

पूरे देश में लॉक डाउन के चलते जबलपुर में भी पुलिस सर्तक है. पुलिस प्रशासन भी लॉकडाउन का पालन कराने में जुटा है. लेकिन इसी दौरान थाना हनुमानताल इलाके में कांग्रेस नेता और राधा कृष्ण वार्ड के पूर्व पार्षद धमेंद्र सोनकर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. दिनदहाड़े इस वारदात को अंजाम देने वाले शख्स ने धमेंद्र को चार गोली मारी. जिसकी वजह से उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी की पहचान मोनू सोनकर रूप में हुई है. जिसने धमेंद्र की हत्या करने के बाद खुद थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया. उसने खुद पुलिस को घटना की जानकारी दी और बताया कि वह धमेंद्र की हत्या करके आया है. पुलिस के मुताबिक इससे पहले भी मोनू हत्या की एक वारदात को अंजाम दे चुका है. फिलहाल, वह जमानत पर जेल से बाहर था.

बताया जा रहा है कि धर्मेंद्र सोनकर दोपहर के वक्त अपने घर के सामने बने मंदिर के पास अपने एक साथी के साथ बैठे हुए था,तभी क्षेत्र का कुख्यात बदमाश मोनू सोनकर अपने साथियों के साथ आया और उसने विवाद करते हुए धर्मेंद्र के पास पहुंचकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दी. अचानक हुई गोली बारी से धर्मेंद्र बचने के लिए घर की तरफ भागे, लेकिन तब तक धर्मेंद्र के सीने और जांघ में दो गोली लग चुकी थी, जबकि धर्मेंद्र के साथी के पैर में एक गोली लगी.

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इसके बाद धर्मेंद्र घर से अपनी रिवाल्वर लेकर आरोपी के पीछे भी भागे. लेकिन तब तक मोनू सोनकर अपने साथियों के साथ वहां से फरार हो गया. धर्मेंद्र की आवाज सुनकर उसके परिजन बाहर आए और उन्होंने तुरंत धर्मेंद्र सोनकर को निजी अस्पताल में दाखिल कराया. जहां डॉक्टर ऑपरेशन करके उनके शरीर से गोलियां निकाल रहे थे, लेकिन उसी दौरान धर्मेंद्र सोनकर ने दम तोड़ दिया.

घटना की जानकारी मिलते ही धर्मेंद्र सोनकर के समर्थक बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए. मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सभी को वापस भेजा. और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल अस्पताल भेजा. इधर, मोनू ने थाने जाकर सरेंडर कर दिया. पुलिस आरोपी मोनू सोनकर से पूछताछ कर रही है. पुलिस के मुताबिक आरोपी मोनू सोनकर और धर्मेंद्र सोनकर के बीच लंबे समय से कोई जमीन संबंधी विवाद चल रहा था.

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