मेरठ पुलिस की गिरफ्त में लुटेरों का इंटरनेशनल गैंग आ गया है. पुलिस ने गिरोह के सरगना शरद गोस्वामी समेत कुल 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया. पुलिस ने इनके पास से 1 करोड़ रुपए के 280 मोबाइल और 6 लैपटॉप बरामद किए है. इसके साथ ही एक लाइसेंसी राइफल, एक तमंचा, 20 कारतूस, एक टाटा नेक्सान और एक स्विफ्ट वीडीआई भी बरामद किया गया.
हैरानी की बात ये है कि इस गिरोह ने भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मनोज प्रभाकर की पत्नी का मोबाइल जनवरी, 2019 को दिल्ली में लूटा था और बाद में गिरोह के सरगना शरद गोस्वामी ने मनोज प्रभाकर की पत्नी को धमकी भी दी गई थी. इस मामले में थाना दिल्ली के साकेत में मामला दर्ज है.
पत्रकारों से भी लूट
इतना ही नहीं पत्रकार पीयूष राय का मोबाइल भी इस गिरोह ने ही लूटकर नेपाल में बेच दिया था. पुलिस ने नेपाल से मोबाइल भी बरामद किया है. साथ ही पत्रकार गजेंद्र के हॉस्टल से इस गिरोह द्वारा छात्रों के लैपटॉप और मोबाइल चोरी किए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया.
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
इस शातिर गैंग ने गौतम बुद्धनगर के थाना कासना (बीटा ) में मई 2019 को ओप्पो कंपनी के 1400 मोबाइल से भरे कैंटर गाड़ी को लूट लिया था, जिसमें गिरोह का सरगना शरद वांटेड चल रहा है. इस इंटरनेशनल गैंग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में अपने गिरोह के सदस्यों से चोरी और लूट की घटनाएं अंजाम दी थी.
लूटे मोबाइल को बेचने के लिए खोले शोरूम
लूटे गए मोबाइल को ये गैंग गिरोह के सदस्य नदीम के पास भेज देता था. नदीम मुंबई में रहकर काम करता है. नदीम ने मोबाइल का शोरूम मुंबई, बेंगलुरु और इंदौर में बनाया है, जिसमें इन मोबाइलों में से बिक्री के लिए रखा जाता है. नदीम इन मोबाइलों को नेपाल, थाईलैंड और चीन भी भेज दिया करता था. गिरोह के सरगना शरद गोस्वामी से जुड़े 4 बैंक खातों में करीब 15 महीने में तीन करोड़ 34 लाख 68 हजार 974 रुपए रुपयों का लेनदेन किया गया है.