scorecardresearch
 

INSIDE STORY: गेस्ट हाउस से लेकर मॉल तक...38 दिन कहां-कहां रही हनीप्रीत?

25 अगस्त को रेप केस में राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद से लगातार हनीप्रीत पुलिस के पहले बनी हुई थी. 38 दिनों से 7 सूबों की पुलिस उसके पीछे पड़ी थी, लेकिन हनीप्रीत का कोई अता-पता नहीं था. ऐसी राम रहीम की हनीप्रीत को आजतक ने खोज निकाला है.

X
राम रहीम की हनीप्रीत राम रहीम की हनीप्रीत

25 अगस्त को रेप केस में राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद से लगातार हनीप्रीत पुलिस के पहले बनी हुई थी. 38 दिनों से 7 सूबों की पुलिस उसके पीछे पड़ी थी, लेकिन हनीप्रीत का कोई अता-पता नहीं था. ऐसी राम रहीम की हनीप्रीत को आजतक ने खोज निकाला है. हनीप्रीत ने बताया कि उसे जिस तरह दुनिया को दिखाया जा रहा है, उसके बाद उसे खुद से डर लगने लगा है. उसे देशद्रोही कहा गया है, जो बिल्कुल गलत है. राम रहीम के साथ उसके रिश्ते पाक हैं.

हनीप्रीत ने कहा, 'मुझे समझ में नहीं आता है कि बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को उछाला जा रहा है. मेरे मुख्य डर का कारण ही यही था कि हनीप्रीत को क्या प्रेजेंट किया. एक बाप-बेटी के रिश्ते को ऐसे तार-तार कर दिया. क्या एक बाप अपनी बेटी के सिर के उपर हाथ नहीं रख सकता है. क्या एक बेटी अपने बाप से प्यार नहीं कर सकती है. मेरी कंडीशन समझिएगा. मैं डिप्रेशन में चली गई थी. मैंने वहीं किया लोगों ने जैसा मुझे गाइड किया. मैं हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट जाऊंगी.'

रेप केस में राम रहीम को दोषी ठहराए जाने के बाद उसे पंचकूला से हेलीकॉप्टर के जरिए रोहतक जेल ले जाया गया था. हनीप्रीत भी उसके साथ हेलीकॉप्टर में रोहतक तक गई थी. उसके बाद वह 25 अगस्त की रात रोहतक के एक गेस्ट हाउस में रुकी थी. उसके बाद अगले दिन वह सीधे सिरसा स्थित डेरा हेडक्वार्टर पहुंची. वहां उसकी मुलाकात डेरा चेयरपर्सन विपश्यना इंसा से हुई थी. वह 26 अगस्त की रात सिरसा हेडक्वार्टर पर रुकी थी. अगले दिन बिना बताए वहां से निकल गई.

जानिए, सिरसा से कहां-कहां गई हनीप्रीत

- हनीप्रीत 27 और 28 अगस्त को अपने भाई के ससुराल हनुमानगढ़ में रही.

- 29 अगस्त को जब पुलिस यहां पहुंची तो वो रफूचक्कर हो चुकी थी.

- 30 अगस्त को राजस्थान के ही सांगरिया में एक भक्त के घर रही.

- 2 सितंबर को उदयपुर के शॉपिंग मॉल में नजर आई. वहां पुलिस पहुंची, तो सिर्फ डेरे का एक केयरटेकर मिला.

- इसी बीच उसके नेपाल जाने की ख़बर सामने आ गई. वहां रेडियो के जरिए हनीप्रीत की तलाशी के लिए मुनादी भी की गई.

- नेपाल में कामयाबी ना मिलने के बाद पुलिस ने उसे 21 सितंबर को राम रहीम के गांव गुरसर मोडिया में घेरा, लेकिन यहां से भी वो निकल गई.

- 25 सितंबर को दिल्ली के लाजपत नगर में अपने वकील के पास आई, दो घंटे रुकी, लेकिन पुलिस यहां उसकी सीसीटीवी फुटेज देखकर दो दिन बाद पहुंची.

- पुलिस ने गुड़गांव के एक फ्लैट समेत कई जगह दबिश दी, लेकिन हर जगह से हनीप्रीत पुलिस के आने से पहले भाग गई.

- 3 अक्टूबर को आज तक के कैमरे पर हनीप्रीत ने बताया कि वह कहां-कहां रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें