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चाइनीज हवाला रैकेटः 2018 में भी दिल्ली स्पेशल सेल के हत्थे चढ़ा था चार्ली पेंग

आयकर विभाग के हत्थे चढ़े चार्ली पेंग के काले कारनामों की फेहरिस्त लंबी है. 2018 में उसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त भी इस बात खुलासा हुआ था कि चार्ली भारत मे बड़े हवाला कारोबारियों के सम्पर्क में था.

आयकर विभाग ने चार्ली के ठिकानों समेत 21 जगहों पर छापेमारी की है (फाइल फोटो) आयकर विभाग ने चार्ली के ठिकानों समेत 21 जगहों पर छापेमारी की है (फाइल फोटो)

  • भारतीय लड़की से शादी कर हासिल किया पासपोर्ट
  • कई कंपनियों के नाम पर खोले थे फर्जी बैंक खाते
  • पेंग गुरुग्राम में रहकर चला रहा था हवाला रैकेट

भारत में रहकर हवाला रैकेट चलाने वाला शातिर चार्ली पेंग उर्फ लुओ सांग को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. चार्ली को साल 2018 में भी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था. इस शातिर चीनी नागरिक ने फर्जी नामों से भारत में आठ से दस बैंक खाते खोल रखे थे. वो हवाला ऑपरेशन के लिए कई कंपनियों की नुमाइंदगी कर रहा था. 2018 में गिरफ्तारी होने के कुछ दिन बाद वह छूट गया था और फिर से हवाला के धंधे में कूद गया था.

आयकर विभाग के हत्थे चढ़े चार्ली पेंग के काले कारनामों की फेहरिस्त लंबी है. 2018 में उसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उस वक्त भी इस बात खुलासा हुआ था कि चार्ली भारत मे बड़े हवाला कारोबारियों के सम्पर्क में था. उसके कब्जे से मणिपुर के पते का पासपोर्ट भी मिला था. उसने भारतीय लड़की से शादी करके यहां का पासपोर्ट हासिल किया था. वो काफी समय से गुरुग्राम में रहकर हवाला रैकेट चला रहा था.

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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक साल 2018 में 40 वर्षीय चीनी नागरिक चार्ली पेंग उर्फ लुओ सांग को जासूसी और धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. वह गुरुग्राम फेस 5, पार्क प्लेस के मकान संख्या- एफ194 में नाम बदलकर रह रहा था. उस वक्त उसके पास से दो आधार कार्ड बरामद किए गए थे. गिरफ्तारी के वक्त उसने अपना नाम चार्ली पेंग बताया था. उसका एक आधार कार्ड द्वारका के पते पर था, जबकि दूसरा मणिपुर के पते पर.

उसके पास से एक पैन कार्ड भी बरामद किया गया था और पासपोर्ट भी. जब्त किया गया था पासपोर्ट भी उसने अलग नाम से बनवा रखा था. उस दौरान उसके कब्जे से एक लक्जरी गाड़ी और विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए गए थे. जबकि उसके पास से 22 हजार थाई करेंसी, 200 यूएस डॉलर और भारतीय करेंसी भी बरामद की गई थी. स्पेशल सेल को 2018 में इसके हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला जाने की जानकारी भी मिली थी.

अब आयकर विभाग और पुलिस दिल्ली-एनसीआर में कई जगह छापेमारी कर रहे हैं. ताकि उसके नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके. जांच में पता चला है कि चीनी नागरिक फर्जी कंपनियां बनाकर हवाला के जरिये भारतीय कारोबारियों को करीब एक हजार करोड़ का चूना लगाने की कोशिश कर रहे थे. जिसका खुलासा मंगलवार को आयकर विभाग ने किया है.

अब तक आयकर विभाग को 300 करोड़ के हवाला लेन-देन का पता चला है. कारोबार की आड़ में चीनी नागरिकों के घोटाले का मामला इतना बड़ा है कि रकम 1000 करोड़ के पार जा सकती है. आयकर विभाग ने चीनी कंपिनयों और हवाला नेटवर्क की साठगांठ का पर्दाफाश करने के साथ ही कई जगहों पर छापेमारी की है. खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर आयकर विभाग ने दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम में चीनी नागरिकों के 21 ठिकानों पर छापेमारी की.

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सीबीडीटी के मुताबिक, छापों के दौरान पता चला कि इन चीनी नागरिकों ने फर्जी कंपनियों के नाम से चालीस से ज्यादा बैंक खाते खोले थे. जिनमें एक वक्त पर 1000 करोड़ रुपये से अधिक क्रेडिट एंट्री की गई थी. इतना ही नहीं चीनी कंपनी से जुड़े लोगों ने फर्जी कंपनियों से भारत में रिटेल शोरूम व्यवसाय करने के लिए 100 करोड़ से अधिक का फर्जी अग्रिम भुगतान लिया. जिसके लेन-देन में हांगकांग और यूएस डॉलर का इस्तेमाल हुआ था. अभी इस मामले में चीनी नागरिकों की कई करतूतों का खुलासा होना बाकी है.

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