scorecardresearch
 

शहीद नरेंद्र के साथ दरिंदगी पर फूटा गांववालों का गुस्सा

शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. भारत माता की जय के नारों के साथ लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. सोनीपत के गांव थाना कलां में लोगों ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ज़बर्दस्त गुस्से का इजहार किया.

Advertisement
X
गांववालों ने शहीद की अंतिम यात्रा में पाक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
गांववालों ने शहीद की अंतिम यात्रा में पाक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

एक तरफ पाकिस्तान के पीएम इमरान ख़ान ने मोदी को चिट्ठी लिखकर बातचीत शुरु करने का ऑफर किया है. दूसरी तरफ़ पाकिस्तान की कायर बैट टीम ने बीएसएफ जवान की हत्या कर उसके शव के साथ बर्बरता की है. शहीद जवान का पार्थिव शव जब उनके गांव पहुंचा तो लोगों में गुस्सा साफ दिखा. पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें विदाई दी गई.

सोनीपत के लोगों में गुस्सा

हरियाणा के सोनीपत में पाकिस्तान के खिलाफ लोगों में गुस्सा साफ झलक रहा था. बीएसएफ़ जवान की शहादत का बदला लेगा हिंदुस्तान. ज़ुबान पर अमन और दिल में आतंक का ढोंग अब नहीं होगा बर्दाश्त. अमन की चिट्ठी भेजकर बर्बरता. अब नहीं सहेगा हिंदुस्तान.

शहीद नरेंद्र के साथ बर्बरता

पाकिस्तान की कायर फोर्स ने हमारे देश के जांबाज़ बीएसएफ जवान के साथ जो कुछ किया. उसी का गुस्सा उनके गांव में देखने को मिला. पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम के कायर जवानों ने जम्मू कश्मीर के रामगढ़ सेक्टर में हमारे जांबाज़ नरेंद्र कुमार को न सिर्फ मारा बल्कि उनके शव के साथ भी बर्बरता की.

Advertisement

हज़ारों की भीड़ ने दी शहीद को श्रद्धांजलि

इससे पहले शहीद की अंतिम यात्रा निकाली गई. जहां लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. भारत माता की जय के नारों के साथ लोग सड़कों पर उमड़ पड़े. सोनीपत के गांव थाना कलां में लोगों ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ ज़बर्दस्त गुस्से का इजहार किया. जब शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो लोग गुस्से से भर गए. बीएसएफ के शहीद जांबाज़ नरेंद्र कुमार के पार्थिव शव के साथ लोगों ने मार्च किया. हिंदुस्तान ज़िंदाबाद और शहीद नरेंद्र अमर रहें के नारे देर तक गूंजते रहे.

पट्रोलिंग के दौरान फंस गए थे नरेंद्र

ख़बर है कि जवान नरेंद्र रामगढ सेक्टर में पेट्रोलिंग पर गए थे लेकिन अचानक वो गोलीबारी में फंस गए. गोली थमने के बाद उनका पता नहीं चला और बाद में उनका पार्थिव शरीर मिला. जवान के शरीऱ पर पैर, सीने से लेकर गले और आंख तक पर निशान थे. उन्हें कई गोलियां मारी गईं थीं.

पाकिस्तान का दोहरा चरित्र

एक तरफ़ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर बातचीत शुरु करने के लिए कहते हैं. दूसरी तरफ़ उनकी आर्मी हमारे जवानों की बेरहमी से हत्या कर उनके शव के साथ बर्बरता करती है. आख़िर हिंदुस्तान ये विश्वासघात कब तक सहता रहेगा. सवाल है कि आखिर पाकिस्तान को अमन की चिट्ठी भेजते शर्म नहीं आती. क्योंकि बातचीत और आतंक का ढोंग साथ-साथ नहीं चल सकता.

Advertisement

Advertisement
Advertisement