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आश्राम में यौन शोषण: HC ने बाबा के वकील को लगाई फटकार

दिल्ली के रोहिणी सहित कई जगहों पर आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित आदेश के बाद भी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ. इस दिल्ली हाईकोर्ट ने उसके वकील और मैनेजर को जमकर फटकार लगाई है.

स्वयंभू बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित स्वयंभू बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित

दिल्ली के रोहिणी सहित कई जगहों पर आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के नाम पर महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित आदेश के बाद भी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ. इस दिल्ली हाईकोर्ट ने उसके वकील और मैनेजर को जमकर फटकार लगाई है. उनसे पूछा गया कि क्या बाबा खुद को कोर्ट के आदेश से उपर समझने लगे हैं.

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि वीरेंद्र देव दीक्षित सही है, एक गुरु है, तो क्यों छीप रहा है? कोर्ट ने बाबा के वित्त विभाग संभालने वाले दीपक डिसिल्वा को भी फटकार लगाई, जो कोर्ट के आदेश पर पेश हुआ था. दिल्ली पुलिस को आदेश दिया गया कि केस के सारे डाक्यूमेंट्स सीबीआई को सौंप दे. अगली डेट तक वीरेंद्र देव को पेश करने की कोशिश करे.

बाबा के वकील को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि आप लोगों को क्या सच में नहीं पता कि वीरेंद्र देव दीक्षित कहां हैं? क्या हम उनके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी करें? कोर्ट ने सीबीआई को कहा कि आश्रम से जो नाबालिग लड़कियां गायब हैं और परिवार के खोजने के बाद भी वो नहीं मिल रही है, ऐसे मामलों मे किडनैपिंग का केस दर्ज करें.

हाईकोर्ट ने कहा कि हम सोच भी नहीं पा रहे हैं कि 21वीं सदी में दिल्ली मे एक ऐसा आध्यात्मिक आश्रम चल रहा है, जिसमें अमानवीय तरीके से लड़कियों को पिजरे मे रखकर बंद रखा जा रहा है. आध्यात्मिक जगहों पर आजादी दी जाती है. खुली हवा दी जाती है. सूरज देखने को मिलता है. इस तरह से बंद करके नहीं रखा जाता है.

इससे पहले स्वयंभू बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के रोहिणी स्थित आश्रम में महिलाओं और लड़कियों को बंधक बनाकर रखने के मामले में सीबीआई ने तीन मामले दर्ज किए हैं. दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर कार्यवाही करते हुए एजेंसी ने इन मामलों की जांच के लिए अधीक्षक स्तर के एक अधिकारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की है.

दिल्ली पुलिस द्वारा रोहिणी में विजय विहार थाने में दर्ज की गईं तीन प्राथमिकियों से संबंधित जांच सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार दोबारा मामले दर्ज कर अपने हाथों में ले ली है. रेप और डराने-धमकाने संबंधी दो मामले बाबा के खिलाफ हैं. एक मामला उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति के कार्य में डालने को लेकर अज्ञात लोगों के खिलाफ है.

दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति बीते 19 दिसंबर को आश्रम पहुंची थी. न्यायालय ने 20 दिसंबर को सीबीआई को निर्देश दिया था कि वह आश्रम में महिलाओं और लड़कियों को बंधक बनाकर रखे जाने के मामले में जांच करे. आश्रम में लड़कियों को तारबंदी से घिरे किले में दरवाजों के पीछे जानवरों जैसी स्थिति में रखे जाने की शिकायत थी.

इस आश्रम से आजाद कराई गईं पीड़िताओं के अनुसार बाबा हमेशा महिला शिष्यों के बीच ही रहना पसंद करता था. वह गोपियां बनाने के लिए लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था. हाईकोर्ट के निर्देश पर आश्रम की जांच करने पहुंची महिला आयोग और पुलिस की टीम को कुछ वीडियो मिले, जिससे बाबा की काली करतूतों का खुलासा हुआ है.

वीडियो में सामने आया कि वीरेंद्र खुद को कृष्ण बताता और गोपियां बनाने के लिए अनुयायी लड़कियों को संबंध बनाने के लिए आकर्षित करता था. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जयहिंद ने बताया कि महिलाओं को नशे के दवा दी जाती थीं. चार मंजिला आश्रम के अंदर बोर्ड पर लिखा था, 'आपसे कोई पूछे कैसे हो तो बताना- ठीक हैं. खुश हैं.'

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