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युवती को अगवा कर पिलाई शराब, पांच लोगों ने किया गैंगरेप

मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में एक युवती के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसने फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज कराने से इंकार कर दिया है. उसके असहयोग के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है.

युवती के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात युवती के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात

मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में एक युवती के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसने फिलहाल किसी के खिलाफ केस दर्ज कराने से इंकार कर दिया है. उसके असहयोग के कारण पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है.

सूत्रों के मुताबिक, इंदौर के छत्रीपुरा थाना क्षेत्र में एक युवती को मंगलवार रात कुछ युवकों ने रुपये उधार देने के मकसद से बुलाया था. वे युवती को अपनी कार में लेकर चले गए. उन्होंने उसे कथित तौर पर शराब पिलाई. उसके बाद पांचों युवकों ने उसके साथ रेप किया. बाद में उसको सड़क पर छोड़ कर भाग गए.

पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है. उसने अपने साथ हुए वारदात की बात को स्वीकार किया है, लेकिन अभी डर की वजह से आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराने से इंकार कर रही है. पीड़िता का कहना है कि यदि केस दर्ज हुआ, तो वह खुदकुशी कर लेगी.

डीआईजी हरि नारायण चारी मिश्रा ने बताया कि युवती से पुलिस ने पूछताछ की है. उससे आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने को कहा गया, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हुई है. युवती ने कहा कि यदि रिपोर्ट लिखी गई तो वह आत्महत्या कर लेगी, लिहाजा युवती को उसके घर भेज दिया गया है.

बताते चलें कि इनदिनों मध्य प्रदेश में रेप के लगातार कई मामले सामने आ गए हैं. हाल ही में खंडवा में खाने का लालच देकर दो सगी बहनों के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया गया. निशक्त लोगों के लिए बने एक आश्रम में मानसिक रोगी दो नाबालिग सगी बहनों को आश्रम संचालक ने अपनी हवस का शिकार बनाया.

इसी तरह भोपाल में एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर की रात को गैंगरेप हुआ था. इस मामले में तीन थाना प्रभारी एमपी नगर थाने के प्रभारी संजय सिंह बैस, हबीबगंज थाने के प्रभारी रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना, दो उप निरीक्षक टेकराम और उइके को निलंबित किया जा चुका है.

इस वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, लेकिन पुलिस की लापरवाही सामने आई थी. पीड़िता ने कहा था कि कोई भी अपराधी दोबारा ऐसा करने का साहस न करे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, उन्हें मार देना चाहिए, चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों.

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