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नकली नोट छापने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 12 लाख बरामद, बाजार में चलाए 40 लाख

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र में मंगलवार तड़के स्वाट टीम ने छापा मारकर नकली नोट छापने के कारखाने का भंडाफोड़ किया. टीम ने मौके से नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया. वहां से 12 लाख रुपये के 2000 और 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं.

स्वाट टीम की कार्रवाई में मिली सफलता स्वाट टीम की कार्रवाई में मिली सफलता

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र में मंगलवार तड़के स्वाट टीम ने छापा मारकर नकली नोट छापने के कारखाने का भंडाफोड़ किया. टीम ने मौके से नकली नोट छापने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया. वहां से 12 लाख रुपये के 2000 और 500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं.

स्वाट टीम प्रभारी संतोष कुमार आर्य की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि रसूलाबाद से सटे कहिंजरी कस्बे में चल रहे जनसेवा केंद्र में कंप्यूटर स्कैनर के जरिए 500 और 2000 रुपये के नकली नोट छापे जा रहे हैं. सूचना पर स्वाट टीम ने मंगलवार तड़के छापा मारकर मौके से नोट छापते तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ा.

पुलिस टीम ने कंप्यूटर, मशीनें और दूसरे उपकरण भी जब्त कर लिए. मौके से 12 लाख 39 हजार 500 रुपये की नकली नोट बरामद की गई. पकड़े गए युवकों की पहचान अश्वनी कुमार, जय प्रताप गौड़ उर्फ राजा सिंह और राजकुमार तिवारी उर्फ नन्हऊ के रूप में हुई. अश्वनी जनसेवा केंद्र चलाता है. उसके इशारे पर पूरा गैंग काम करता था.

पुलिस ने बताया कि तीन लोग अब तक करीब 40 लाख रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुके हैं. आरोपी से पुलिस हिरासत में पूछताछ चल रही है. उनके नेटवर्क को पता करने की कोशिश की जा रही है. इस कामयाबी पर अपर पुलिस महानिदेशक कानपुर जोन ने टीम को 15000 रुपये और एसपी ने 5000 रुपये पुरस्कार दिया.

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