बंद पड़ी किंगफिशर एयरलाइन्स के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए. रघुनाथन को प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ के लिए तलब कर लिया. निदेशालय में उनसे एयरलाइन को आईडीबीआई बैंक से मिले 900 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में पूछताछ की गई.
प्रवर्तन निदेशालय ने मनीलांडरिंग के आरोपों की जांच के सिलसिले में पूछ-ताछ के लिए किंगफिशर एयरलाइन्स के करीब आधा दर्जन पूर्व अधिकारी और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था. शनिवार को एयरलाइन्स के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी ए. रघुनाथन निदेशालय के समक्ष उपस्थित हुए और उनसे देर तक पूछताछ की गई.
प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध धन के कारोबार पर रोक लगाने वाले मनीलांडरिंग निवारक अधिनियम के तहत आईडीबीआई बैंक और विजय माल्या के नेतृत्व वाली किंगफिशर एयरलाइन्स के छह से अधिक कर्मचारियों को सम्मन जारी किये हैं. साथ ही कंपनी को अपने पिछले पांच साल का वित्तीय ब्योरा और आयकर रिटर्न पेश करने के लिए भी कहा गया है.
निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने रघुनाथन को बुलाया था और आज सुबह वह पूछ-ताछ के लिए निदेशालय के समक्ष पेश हुए. विभिन्न वित्तीय सौदों के संबंध में उनसे जानकारी मिल सकती है. क्योंकि उनमें से कई मामले रघुनाथन के व्यक्तिगत अधिकार क्षेत्र के हैं. इसी वजह से पूछताछ को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
अधिकारी के मुताबिक एसएफआईओ के सामने पिछले महीने अपने बयान में रघुनाथ ने किंगफिशर के वित्तीय संकट के लिए माल्या को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि वह उनके अधीन काम करते थे. इस मामले में आईडीबीआई के पूर्व अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक योगेश अग्रवाल को भी सम्मन जारी किया गया है.