दरअसल, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भागीरथी विहार, जौहरीपुर इलाके में 25 और 26 फरवरी, 2020 को हिंसा हुई थी और इसके बाद 4 लोगों का शव नाले से बरामद हुआ था. इनमें से 2 शव हाशिम अली और अमीर अली नाम के 2 सगे भाइयों के थे. इसी मामले में आज गुरुवार को दिल्ली पुलिस चार्जशीट दायर करेगी.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक 27 फरवरी को सुबह तीन डेड बॉडी जौहरीपुर के नाले में, शाम को एक डेड बॉडी दिल्ली पुलिस ने बरामद किया था.
इसके बाद मामले में दिल्ली पुलिस ने गोकुलपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की थी, बाद में इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच की SIT को सौंप दिया गया था.
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क्राइम ब्रांच की SIT की जांच में सामने आया कि 25 और 26 फरवरी की रात में हिंसा के दौरान एक "वाट्सऐप" ग्रुप बनाया गया था. इस ग्रुप में 125 सदस्य थे.
25 फरवरी को बनाया गया वाट्सऐप ग्रुप
इस ग्रुप के 2 एक्टिव सदस्यों को SIT ने पूछताछ के लिए बुलाया था, जब SIT ने इन दोनों के मोबाइल फोन की जांच की तो पता चला कि 25 फरवरी को एक "वाट्सऐप" ग्रुप बनाया गया था, जिसमें कुछ ही लोग मैसेज भेज रहे थे और ग्रुप के बाकी सदस्य हिंसा में शामिल थे.
हाशिम अली और अमीर अली समेत कुल 4 मुस्लिम समुदाय के लोगों की हत्या में हिंदु समुदाय के लोग शामिल थे जिन्हें बाद में गिरफ्तार किया गया था. आज इसी मामले में चार्जशीट दाखिल होगी.
इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुधवार को हिंसा के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के केस में चार्जशीट दायर कर दी. कड़कड़डूमा कोर्ट में दायर करीब 650 पन्नों की इस चार्जशीट में अंकित शर्मा की हत्या के लिए 10 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें पार्षद ताहिर हुसैन का भी नाम है.
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चार्जशीट में अंकित की हत्या के पीछे ताहिर हुसैन की गहरी साजिश बताई गई. चार्जशीट में कुल 96 गवाह हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अंकित की बॉडी पर चोट के 51 निशान बताए गए हैं.
इसी साल फरवरी में दिल्ली में हुई हिंसा के वक्त 25 फरवरी की शाम अंकित शर्मा की खजूरी खास स्थित ताहिर हुसैन के घर के बाहर हत्या कर दी गई थी. हत्या के बाद उसका शव को नाले में फेंक दिया गया था.