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दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ा 'मुट्ठेबाज गैंग', ऐसे मिला ये नाम

मुट्ठेबाज गिरोह का एक सदस्य जिसे कथाबाज कहा जाता है, वो पहले अपने शिकार (खासकर महिलाएं) को टारगेट करता और फिर उन्हें झूठी कहानी सुनाता था. वह शिकार से कहता था कि उससे महंगा सामान टूट गया, जिसके बाद उसके मलिक ने उसकी पिटाई कर दी.

नकली नोट थमाकर लेते थे असली ज्वैलरी नकली नोट थमाकर लेते थे असली ज्वैलरी

दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टॉफ टीम ने 'मुट्ठेबाज गैंग' का भंडाफोड़ कर इसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है. अपने आप में दिलचस्प इस गैंग का नाम मुट्ठेबाज इसलिए पड़ा, क्योंकि यह गैंग असली नोटों का बंडल (बीच में सादा कागज लगाकर, जिसे मुट्ठा कहा जाता है) दिखाकर और मालिक द्वारा पिटाई की बात कह अपने शिकार को फंसाता था.

मुट्ठेबाज गिरोह का एक सदस्य जिसे कथाबाज कहा जाता है, वो पहले अपने शिकार (खासकर महिलाएं) को टारगेट करता और फिर उन्हें झूठी कहानी सुनाता था. वह शिकार से कहता था कि उससे महंगा सामान टूट गया, जिसके बाद उसके मलिक ने उसकी पिटाई कर दी इसलिए उसने मालिक के काउंटर से नोटों का बंडल चुरा लिया.

इस बीच उसकी मदद करने उसका दूसरा साथी आ जाता, जिसे दलाल कहा जाता है. दूसरा साथी शिकार को लालच दिलाकर पैसों के बदले ज्वैलरी देने की बात कहता था. शिकार के जाल में फंसते ही यह लोग उससे ज्वैलरी लेकर नकली नोटों का बंडल उसे थमाते और वहां से रफूचक्कर हो जाते थे.

स्पेशल स्टॉफ टीम के हत्थे चढ़े तीन ठगों का नाम गणेश, रतन और अशोक है. जांच अधिकारी ने बताया कि यह गैंग लंबे समय से वेस्ट जिले के अलग-अलग इलाकों में वारदातों को अंजाम दे रहा था. पुलिस इनकी गिरफ्तारी के बाद ठगी से जुड़े 10 मामलों को सुलझाने का दावा कर रही है.

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