राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में पुलिस पर पथराव करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. पुलिस ने मामले में डेढ़ दर्जन नामजद और 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. इस मामले में करीब 170 महिलाओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है.
जिनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी के तहत नामजद मामला दर्ज किया गया है, उनमें अमित, अनिल, आशीष, आशा, गिरीश, सुनीता, विपिन, काले, आकाश, सत्यवान समेत अन्य शामिल हैं.
दरअसल, बुधवार सुबह बाहरी दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर इलाके के सालाखेड़ा गांव में भीड़ ने पुलिस नाके पर तैनात पुलिस कर्मियों पर पथराव किया था. इसमें 8 पुलिस कर्मियों को चोट आई थीं. उपद्रवियों ने पुलिस गाड़ी को भी नुकसान पहुंचा था. अब गुरुग्राम पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 148, 186, 332, 353, 269, 188, 427, 506 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट 2005 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच भी शुरू कर दी है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
आपको बता दें कि पालम विहार से सटे दिल्ली के इलाके से ग्रामीण जबरन गुरुग्राम में एंट्री करने की कोशिश रहे थे. कामकाज के लिए हजारों की संख्या में लोग दिल्ली से गुरुग्राम आते हैं. ऐसे में जब पुलिस ने एंट्री रोकी, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए काफी संख्या में लोग जमा हो गए थे. इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की थी.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
वहीं, मोदी सरकार ने कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन कर रखा है. इसके चलते राज्यों की सीमाएं सील हैं और लोगों की आवाजाही में पाबंदी हैं. हालांकि सरकार ने कारोबार शुरू करने की इजाजत दे दी है, जिसके चलते लोग अपने कामकाज में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे. जब पुलिस ने इनको रोका तो बवाल शुरू हो गया.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें