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बुलंदशहर: बजरंग दल और भाजयुमो से जुड़े हुए थे इंस्पेक्टर सुबोध सिंह के हत्यारोपी

आपको बता दें कि बुलंदशहर में गोकशी के शक में दर्ज करवाई गई एफआईआर में योगेश राज भी था. योगेश राज शिकायत करने वालों में शामिल था. 

बुलंदशहर में हिंसा, इनसेट में योगेश राज (PTI) बुलंदशहर में हिंसा, इनसेट में योगेश राज (PTI)

बुलंदशहर में हुई हिंसा फैलाने वाले साजिशकर्ताओं की धरपकड़ अब शुरू हो गई है. सोमवार रात से ही जारी छापेमारी में पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया और 75 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया. अब इस हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता के नाम का खुलासा भी हो गया है. योगेश राज पर वहां मौजूद लोगों को भड़काने का आरोप है.

योगेश राज (जिला अध्यक्ष, प्रवीण तोगड़िया ग्रुप), उपेंद्र राघव (बजरंग दल), शिखर अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा) का नाम सुबोध सिंह की हत्या के साजिश रचने में आ रहा है. जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है वो देवेंद्र, चमन और आशीष चौहान हैं.

अंतर्राष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि बुलंदशहर में उनका कोई संगठन नहीं है, हिंसा में उनके संगठन के शामिल होने की जो बात की जा रही है वो सरासर गलत है.

पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर में भी योगेश राज का नाम है. एफआईआर के मुताबिक, योगेश राज अपने साथियों के सात मिलकर भीड़ को भड़का रहा था. सोमवार दोपहर करीब 1.15 बजे, जब पुलिस चौकी पर भड़की हुई भीड़ पहुंची तो इंस्पेक्टर समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की.

लेकिन हथियारों से लैस भीड़ नहीं थमी, इसी दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की लाइसेंसी पिस्टल, मोबाइल फोन को उपद्रवियों ने छीन लिया. वहीं, वायरलैस सेट को भी तोड़ दिया गया था.

आपको बता दें कि बुलंदशहर में गोकशी के शक में दर्ज करवाई गई एफआईआर में योगेश राज भी था. योगेश राज शिकायत करने वालों में शामिल था.  

क्या हुआ बुलंदशहर में...?

गौरतलब है कि सोमवार (3 दिसंबर) को बुलंदशहर के स्याना थाना क्षेत्र के एक खेत में गोकशी की आशंका के बाद बवाल शुरू हुआ. जिसकी शिकायत मिलने पर सुबोध कुमार पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे थे. इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही थी, इतने में ही तीन गांव से करीब 400 लोगों की भीड़ ट्रैक्टर-ट्राली में कथित गोवंश के अवशेष भरकर चिंगरावठी पुलिस चौकी के पास पहुंच गई और जाम लगा दिया.

इसी दौरान भीड़ जब उग्र हुई तो पुलिस ने काबू पाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़े और जल्द ही वहां फायरिंग भी होने लगी. जिसमें सुबोध कुमार घायल हो गए और एक युवक भी जख्मी हो गया. सुबोध कुमार को अस्पताल ले जाने से रोका गया और उनकी कार पर जमकर पथराव भी किया गया. अब पुष्टि हुई है कि सुबोध कुमार की मौत गोली लगने से हुई है.

आपको बता दें कि बुलंदशहर के जिलाधिकारी के अनुसार, सुबोध कुमार के सिर में गोली लगी थी, जिस कारण उनकी मौत हुई है. उन्होंने यह भी बताया है कि हमले के बाद जब सुबोध कुमार ने खेत की तरफ जाकर खुद को बचाने की कोशिश की तो भीड़ ने उन पर वहां भी हमला किया.

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