संसद में शरद यादव ने कहा कि सिविल सोसायटी के लोग जो मांग कर रहे हैं वह बिहार में पहले से ही लागू है. उन्होंने साफ कहा कि कोई भी कानून संविधान के दायरे में ही बने.
|
आंदोलन से जुड़े अपने अनुभव, खबरें, फोटो हमें पर भेजें. हम उसे आजतक की वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे. |
शरद यादव ने कहा कि संसद में जो विविधिता दिखाई देती है वह बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर के उस संविधान की देन है जिसके तहत हम यहां बैठे हैं. भ्रष्टाचार के मसले पर सरकार की जमकर खिंचाई करने वाले शरद यादव ने कहा कि लोकपाल बिल में सबका प्रतिनिधित्व होना चाहिए.
इससे पहले सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने भी इस बात पर जोर दिया था कि जनलोकपाल बिल में सभी धर्मों एवं जातियों के लोगों का प्रतिनिधित्व होना चाहिए.
शरद यादव ने कहा कि बिहार में हमारी पार्टी ने पहले ही इस प्रकार के कानून को लागू किया है. अगर केंद्र सरकार को जरूरत होगी तो हम उसी टीम को बुला सकते हैं. शरद यादव ने साफ कर दिया कि भ्रष्टाचार देश से समाप्त होना चाहिए और जितना सख्त कानून हो सके बने लेकिन संविधान के दायरे में.