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UP: कानपुर हिंसा में पुलिस ने दायर की पहली चार्जशीट, 47 को बनाया आरोपी, 20 लोग थे साजिश में शामिल

कानपुर हिंसा के मामले में पुलिस ने पहली चार्जशीट दायर कर दी है. पुलिस ने 47 लोगों को आरोपी बनाया है. इसमें से 20 लोग हिंसा की साजिश रचने में शामिल थे. कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि SIT की जांच के आधार पर हिंसा में भूमिका का आरोप लगाया गया है. साथ ही कहा कि जल्द ही बाकी दो FIR में चार्जशीट दाखिल करेंगे.

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कानपुर में 3 जून को हिंसा हुई थी (फाइल फोटो) कानपुर में 3 जून को हिंसा हुई थी (फाइल फोटो)

कानपुर में 3 जून को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने चार्जशीट दायर की है. इसमें 47 लोगों को आरोपी बनाया गया है. पुलिस का कहना है कि 47 आरोपियों में से करीब 20 लोग हिंसा की साजिश में शामिल थे. जबकि 6 लोगों को सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया गया है. वहीं SIT ने आरोपपत्र में मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी, मुख्तार बाबा और स्थानीय बिल्डर हाजी वासी को नामजद किया था. पुलिस के मुताबिक कानपुर हिंसा में पहली चार्जशीट दायर की गई है. 

SIT ने मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता हयात जफर हाशमी, मुख्तार बाबा और स्थानीय बिल्डर हाजी वासी को नामजद किया था.मुख्तार बाबा कानपुर में बाबा बिरयानी रेस्तरां के मालिक हैं, जबकि हयात ज़फ़र मौलाना मोहम्मद अली (MMA) जौहर फैन्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं. इसी मामले में वसी के बेटे अब्दुल रहमान को भी गिरफ्तार किया गया था.

47 आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं

कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त (Joint Commissioner of Police) आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि हयात जफर, मुख्तार बाबा और वासी समेत सभी 47 आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं. हम जल्द ही बाकी दो FIR (बकरगंज पुलिस स्टेशन में दर्ज) में चार्जशीट दाखिल करेंगे. संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि हर आरोपी पर SIT की जांच के आधार पर हिंसा में भूमिका का आरोप लगाया गया है. 

हिंसा फैलाने के लिए पैसे दिए गए

कानपुर हिंसा मामले में हाल ही में SIT ने कोर्ट में केस डायरी दाखिल की थी. SIT की जांच के मुताबिक उपद्रवियों को हिंसा फैलाने के लिए पैसे दिए गए थे. उपद्रवियों को हंगामे के लिए 7 से 9 दिन की ट्रेनिंग भी दी गई थी. केस डायरी में उल्लेख है कि पथराव करने वालों को कथित तौर पर 500-1000 रुपये दिए गए थे. वहीं दंगों के दौरान जिन्होंने पेट्रोल बम का इस्तेमाल किया था, उन्हें कथित तौर पर 5000 रुपये का भुगतान किया गया.

बदमाशों को मुफ्त कानूनी मदद का भरोसा दिया था

SIT ने कहा कि पकड़े जाने पर बदमाशों को मुफ्त कानूनी मदद का आश्वासन दिया गया था. इस काम के लिए बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा और हाजी वशी के द्वारा नियुक्त किए गए जिम्मेदार लोगों ने उपद्रवियों को आश्वासन दिया था. ये केस डायरी लोक अभियोजक दिनेश अग्रवाल ने दायर की थी. 

हिंसा के मामले में 61 लोगों की गिरफ्तारी हुई

 

कानपुर में स्थानीय संगठनों ने 3 जून को बंद बुलाया था. वो बीजेपी से निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के पैंगबर मोहम्मद को लेकर दिए बयान का विरोध कर रहे थे. इस दौरान हिंसा फैल गई थी. पुलिस ने हिंसा के संबंध में तीन FIR दर्ज की हैं, जबकि अब तक 61 लोगों को गिरफ्तार किया है. 


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