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Kanpur IT Raid: अब ज्वेलर्स शॉप पर छापा, मिले करोड़ों रुपये कैश, नहीं दे पा रहे हिसाब

IT Raid In Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मशहूर ज्वेलर्स सर्राफा कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल के यहां इनकम टैक्स की टीम ने छापेमारी की है. इनकम टैक्स की टीम पिछले 24 घंटे से अपनी कार्रवाई में जुटी हुई है. बताया जा रहा है टीम को करोड़ों की नगदी मिली है, लेकिन ज्वेलर्स इसका हिसाब नहीं दे पा रहा है.

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पिछले 24 घंटों से कार्रवाई में जुटी है आयकर विभाग की टीम. पिछले 24 घंटों से कार्रवाई में जुटी है आयकर विभाग की टीम.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कानपुर के मशहूर ज्वेलर्स के यहां आईटी की छापेमारी
  • पिछले 24 घंटों से आईटी टीम कर रही अपनी कार्रवाई
  • करोड़ों की आघोषित नकदी का नहीं मिला हिसाब

चुनाव से पहले यूपी के अलग-अलग जिलों में छापेमारी का सिलसिला चला रहा है. कन्नौज में इत्र कारोबारी, आगरा में जूता व्यापारी और नोएडा में पूर्व आईपीएस के यहां छापे के बाद अब कानपुर में सोना-चांदी के मशहूर ज्वेलर्स के यहां इनकम टैक्स की टीम चौबीस घंटे से जांच कर रही है. बताया जा रहा है टीम को करोड़ों की नकदी मिली है, लेकिन ज्वेलर्स इसका हिसाब नहीं दे पा रहा है कि केैश कहां से आया. 

कानपुर के सर्राफा कारोबारी राजेंद्र अग्रवाल के स्वरूप नगर और सिविल लाइन स्थित घर और बिरहाना रोड स्थित सोना-चांदी नाम से मशहूर शोरूम  पर एक इनकम टैक्स के अधिकारी छापा मारने पहुंचे. यहां पिछले 24 घंटे से इनकम टैक्स की टीम छापेमारी कर रही है. इस दौरान आयकर विभाग की टीम को करोड़ों की अघोषित नकदी मिली है. जिस पर पूछताछ की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक राजेद्र अग्रवाल इस नकदी के बारे में यह सही से जवाब नहीं दे रहे हैं.

इत्र कारोबारी के यहां शुरू हुआ था सिलसिला

चर्चित इत्र कारोबारी पीयूष जैन के ठिकानों पर इनकम टैक्स और  डीजीजीआई की छापेमारी ने यूपी में राजनीतिक बवंडर खड़ा कर दिया था. पीयूष जैन के कानपुर और कन्नौज के ठिकानों पर कई दिनों की छापेमारी के दौरान 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की नकदी और कई किलो सोना चांदी बरामद हुआ था.  पीयूष जैन से बरामद हुए 200 करोड़ से ज्यादा के कैश को लेकर बीजेपी और समाजवादी पार्टी आमने सामने आ गई थी. बीजेपी ने इसे समाजवादी पार्टी का पैसा बताया था तो समाजवादी पार्टी ने उन पैसों को बीजेपी नेता का बताया था. शुरुआत में पीयूष जैन को समाजवादी पार्टी का करीबी बताया गया था लेकिन जांच में पीयूष जैन का समाजवादी पार्टी से कोई कनेक्शन सामने नहीं आया.

वाराणसी में ज्वेलर्स के घर आयकर विभाग का छापा
सोमवार यानी की 31 जनवरी को वाराणसी में आयकर विभाग की टीम ने कई आभूषण कारोबारियों के ठिकाने पर छापेमारी की थी. आईटी की टीम ने गहना कोठी ज्वेलर्स, कृतिकुंज ज्वेलर्स के मालिक नन्हेलाल वर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की थी. इन कारोबारियों पर आचार संहिता के दौरान अवैध रूप से लाखों-करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का आरोप है. आयकर विभाग को इन ज्वेलर्स के खिलाफ कुछ दिन पहले ही इनपुट्स मिले थे. 

आगरा में जूता कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी
कानपुर में इत्र कारोबारी पीयूष जैन और पुष्पराज जैन पर तोबड़तोड़ कार्रवाई के बाद आगरा में भी बीते महीने में इनकम टैक्स विभाग की टीम ने शू एक्सपोर्टर्स विजय आहूजा और मानसी चंद्रा की जूता फैक्ट्री पर छापा मारा था जिसमें कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे. 

आगरा में 4 कारोबारियों के 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. जिसमें विजय अहूजा, मन्नू अलघ, मानसी चंद्रा, राजेश उर्फ रूबी सहगल शामिल हैं. इन चारों कारोबारियों में मन्नू अलघ को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का करीबी बताया गया था लेकिन समाजवादी पार्टी से मन्नू अलघ का कोई अधिकारिक कनेक्शन सामने नहीं आया था.

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