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फरीदाबाद: संपत्ति के लिए रची खूनी साजिश, प्रेमी संग मिलकर ऐसे किया था ससुर का मर्डर

एक सप्ताह पहले बल्लभगढ़ की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में भरत सिंह नाम के एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने उस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है. जिसकी शिनाख्त गीता के रूप में हुई है.

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पुलिस ने आरोपी बहू गीता को गिरफ्तार कर लिया है पुलिस ने आरोपी बहू गीता को गिरफ्तार कर लिया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एक सप्ताह पहले हुआ था भरत सिंह का मर्डर
  • गोली मारकर की गई थी भरत सिंह की हत्या
  • मृतक की बहू ने रची थी कत्ल की साजिश

फरीदाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने संपत्ति हासिल करने के लिए अपने ससुर को मौत के घाट उतार दिया था. इस साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए आरोपी बहू ने अपने प्रेमी का सहारा लिया और तमंचा खरीदने के लिए भी उसे खुद पैसे दिए थे. उसी तमंचे से गोली मारकर हत्या की इस वारदात को अंजाम दिया गया था. 

एक सप्ताह पहले बल्लभगढ़ की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में भरत सिंह नाम के एक शख्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने उस मामले का खुलासा करते हुए आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है. जिसकी शिनाख्त गीता के रूप में हुई है. वो मृतक भरत सिंह की पुत्रवधू है. दरअसल, मृतक भरत सिंह आरोपी महिला गीता के पति विनोद का सौतेला बाप था. 

जबकि भरत सिंह का असली बेटा सूरज पिछले साल ट्रेन दुर्घटना में जान गंवा बैठा था. उसकी मौत के बाद सूरज की पत्नी भी अपने मायके चली गई. तभी से भरत के सौतेले बेटे विनोद की पत्नी गीता उस पर सारी प्रॉपर्टी उसके नाम करने का दबाव बना रही थी. क्योंकि सारी जायदाद गीता के ससुर भरत सिंह के ही नाम है. गीता बार-बार यही जिद करती लेकिन भरत सिंह ने ऐसा करने से साफ इनकार कर दिया. 

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अब भरत सिहं का इनकार उसकी पुत्रवधू गीता को नागवार गुजर रहा था. जिसके चलते उसने अपने ससुर को जान से मारने की योजना बनाई. इस योजना को अकेले अंजाम तक पहुंचाना मुमकिन नहीं था. लिहाजा गीता ने इस प्लान में अपने प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी को भी शामिल कर लिया.

पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह ने बताया कि इस घटना में आरोपी महिला गीता के साथ उसका प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी उर्फ कालिया भी शामिल है, जो गुरुग्राम का रहने वाला है. वह गीता को करीब 6–7 साल से जानता था. उसके खिलाफ पहले से ही हत्या समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. वह जेल में सजा भी काट चुका है. गीता ने ही उसकी जमानत करवाई थी.

ससुर को रास्ते से हटाने के लिए एक हथियार की ज़रूरत थी. लिहाजा आरोपी गीता ने ही तमंचा खरीदने के लिए अपने प्रेमी सैंडी को 4000 रुपये दिए थे. दलीप ने ही गीता को 2 कारतूस, देसी तमंचा और नींद की गोलियां लाकर दी थी. 

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वारदात की रात आरोपी पुत्रवधू गीता ने अपने सास-ससुर के खाने में नींद की गोलियां मिला दी थीं. बाद में उसने अपने प्रेमी दलीप को अपने घर पर बुलाया. फिर उसके प्रेमी दलीप उर्फ सैंडी ने गोली मारकर भरत सिंह की हत्या को अंजाम दिया. वारदात को अंजाम देने के बाद गीता और उसका प्रेमी मौके से फरार हो गए थे.

उन दोनों ने पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए बदरपुर बॉर्डर एरिया में किराए पर एक कमरा लिया और वहां रहने लगे. मगर 6 दिन बाद ही डीएलएफ क्राइम ब्रांच के प्रभारी अनिल कुमार की टीम ने गीता को गिरफ्तार कर लिया. उसे एक दिन की रिमांड पर लिया गया और बाद में जेल भेज दिया गया. लेकिन उसका प्रेमी दलीप अभी फरार है. उसकी तलाश जारी है. 

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