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छत्तीसगढ़: CISF भर्ती परीक्षा में 'खेल', बायोमेट्रिक टेस्ट से बड़ा खुलासा

Durg News: छत्तीसगढ़ में उतई पुलिस ने लिखित और फिजिकल परीक्षा दिलवाने वाले 6 मुन्ना भाइयों को गिरफ्तार किया है. इनमें से एक आरोपी मध्य प्रदेश का रहने वाला है, जबकि पांच आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं.

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दुर्ग में गिरफ्तार किए गए 'मुन्नाभाई' दुर्ग में गिरफ्तार किए गए 'मुन्नाभाई'
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'मुन्नाभाई' गैंग ने 20 लाख रुपये में तय किया था सौदा
  • दो दलाल समेत 4 फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार
  • गैंग ने बनाया था फर्जी प्रमाण पत्र

छत्तीसगढ़ के दुर्ग में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है. उतई पुलिस ने अपने बदले दूसरे को लिखित और फिजिकल परीक्षा दिलवाने वाले 6 मुन्ना भाइयों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए 6 आरोपियों में दो दलाल और 4 फर्जी अभ्यर्थी शामिल हैं. 4 अभ्यर्थियों के बदले ये आरोपी शारीरिक परीक्षा में शामिल होने उतई CISF कैंप पहुंचे थे, लेकिन गिरफ्त में आ गए.

इन दिनों भिलाई के उतई सीआईएसफ कैंप में सीआईएसफ आरक्षक भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट चल रहा है. इसमें मध्य प्रदेश के मुरैना का दुर्गेश सिंह तोमर सीआईएसफ में बिना परीक्षा दिए नौकरी लगाने के नाम पर बड़ा 'खेल' कर रहा था. वह जॉब दिलवाने के नाम पर एक व्यक्ति से पांच लाख लेता था. फर्जी तरीके से लिखित परीक्षा में अपने आदमी को एक लाख देकर बिठाता था. इस मामले में दुर्गेश सिंह ने चार लोगों से नौकरी लगाने के लिए 20 लाख रुपए लिए. एक ही शख्स ने चार लोगों के नाम पर अलग-अलग तारीख को लिखित परीक्षा देकर पास भी करवा दिया. उनमें से एक आरोपी मध्य प्रदेश का रहने वाला है, जबकि पांच आरोपी उत्तर प्रदेश के हैं. इस घटना के सामने आने से सीआईएसएफ और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया.

इस मामले का उजागर तब हुआ जब चारों अभ्यर्थी भिलाई के उतई सीआईएसफ कैंप में फिजिकल टेस्ट देने आए थे. चारों का बायोमेट्रिक अटेंडेंस लिया गया. इस दौरान लिखित परीक्षा देने वाले अभ्यार्थी से इनका थंब मैच नहीं हुआ. ऐसे में सीआईएसएफ अधिकारियों को शक हुआ. अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की तो उन्होंने कुछ भी नहीं बताया. उनका आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र देखा गया तो शक बढ़ गया. जिसके बाद अधिकारियों ने अभ्यर्थी से छत्तीसगढ़ी भाषा में बातचीत की और ये लोग जवाब नहीं दे पाए. जब इन अभ्यर्थियों के आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र की जांच की गई तो यह फर्जी निकला. सीआईएसएफ अधिकारियों ने इस मामले की शिकायत उतई थाने में की.

दुर्ग पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले में अभी तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुट गई है. बहरहाल पुलिस सभी पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है.

 

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