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मुंबई: ऑर्केस्ट्रा, बार से पैसे क्यों वसूलता था सचिन वाजे? ED को विस्तार से बताया

सचिन वाजे ने प्रवर्तन निदेशालय को दिए अपने बयान में महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर कई आरोप लगाए हैं. वाजे ने दावा किया है कि उस पर नौकरी बचाने का राजनीतिक दबाव था, इसलिए उसने देशमुख के कहने पर वसूली की.

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सचिन वाजे (फाइल फोटो) सचिन वाजे (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सचिन वाजे ने ईडी को दिया बयान
  • अनिल देशमुख पर लगाए आरोप

मुंबई पुलिस के पूर्व एपीआई सचिन वाजे (Sachin Waze) ने प्रवर्तन निदेशालय को दिए अपने बयान में महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) पर आरोप लगाए हैं. वाजे ने कहा है कि उसने देशमुख के कहने पर वसूली की. उसने दावा किया कि वो जो भी रकम वसूलता था, उसमें से उसे कुछ नहीं मिलता था.

बयान में सचिन वाजे ने कहा, 'मुझे कुछ भी आर्थिक लाभ नहीं हुआ है. मैं ऑर्केस्ट्रा बार से जो भी रकम वसूल की थी, वो कुंदन शिंदे को दे दी थी.' उसने कहा, 'नौकरी बहाल होने के बाद मुझ पर अपनी नौकरी बचाने का राजनीतिक दवाब था, जिसके कारण अनिल देशमुख के निर्देश पर ये काम किया.'

अपने 6 पन्ने के बयान में सचिन वाजे ने बताया कि उसने मुंबई पुलिस के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह (Param Bir Singh) को अनिल देशमुख की ओर से दिए जा रहे आदेशों की जानकारी दी थी और उन्होंने उसे उन आदेशों को न मानने की सलाह दी थी. हलाांकि, इसके बावजूद वाजे पैसा वसूलते रहे. वाजे ने बताया कि परमबीर सिंह को इस बारे में नहीं पता था कि मैं देशमुख के निर्देशों पर ऑर्केस्ट्रा बार से वसूली कर रहा हूं. वाजे ने दावा किया कि प्रवर्तन के डीसीपी डॉ. राजू भुजबल और सोशल सर्विस ब्रांच के एसीपी संजय पाटिल इस बारे में जानके थे.

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वाजे ने बताया कि रेस्टोरेंट और बार के अलावा हुक्का लॉन्ज से भी वसूली करने की तैयारी थी. इसे लेकर फरवरी 2021 में अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) ने ध्यानेश्वरी मे एक मीटिंग बुलाई थी. इस मीटिंग में देशमुख के बेटे सलिल देशमुख और ट्रू ट्राम ट्रंक के मालिक अंकित आनंद भी मौजूद थे. यहां तय हुआ कि एक कलेक्शन सिस्टम बनाया जाएगा. लेकिन मार्च में वाजे की गिरफ्तारी के बाद इसे टाल दिया गया.

अनिल देशमुख और अनिल परब ने 40 करोड़ लिए

वाजे ने अपने बयान में दावा किया है कि एनसीपी प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) उनकी बहाली के खिलाफ थे. हालांकि, देशमुख ने कहा था कि वो उन्हें मना लेंगे. वाजे ने दावा किया कि देशमुख ने उनसे बहाली के बदले में 2 करोड़ रुपये देने की मांग की थी. वाजे ने बताया कि जुलाई 2020 में परमबीर सिंह ने 10 डीसीपी की ट्रांसफर और पोस्टिंग का आदेश जारी किया था. वाजे ने बताया, 'उस लिस्ट में जिनके नाम थे, उन सभी से 40 करोड़ रुपये लिए गए. इसके बाद अनिल देशमुख और अनिल परब को 20-20 करोड़ रुपये मिले.'

एंटीलिया केस में आरोपी है वाजे

वाजे को एनआईए ने एंटीलिया बॉम्ब केस (Antilia Bomb Scare) और मनसुख हिरन की मौत के मामले में गिरफ्तार किया था. उस पर आरोप है कि उसने बड़े कारोबारियों से पैसा वसूल करने के लिए बम बमाने की साजिश रची थी. बिजनेसमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के घर के बाहर इसी साल 25 फरवरी को स्कॉर्पियो कार में जिलेटिन की छड़ें बरामद हुई थीं.

सचिन वाजे में मुंबई पुलिस में असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर थे. उन्हें 2003 में आरोपी ख्वाजा यूनुनस की हिरासत में मौत होने के बाद निलंबित कर दिया गया था. 17 साल बाद 2020 में ही नौकरी में बहाल किया गया था.

 

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