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विकास दुबे केस से सबक! UP में अब नहीं मिलेगी कैदियों को पैरोल

उत्तर प्रदेश की जेलों में सजा काट रहे कैदियों को अब पैरोल मिलना मुश्किल है. यूपी सरकार के गृह विभाग ने एक आदेश जारी करते हुए पैरोल देने की प्रक्रिया को बंद करने की बात कही है.

विकास दुबे मामले की जांच कर रही कमेटी ने की थी सिफारिश (फाइल फोटो) विकास दुबे मामले की जांच कर रही कमेटी ने की थी सिफारिश (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • यूपी में अब कैदियों को नहीं मिलेगी पैरोल
  • एसआईटी की सिफारिशों पर सरकार का फैसला

उत्तर प्रदेश की सरकार ने जेल में बंद कैदियों को लेकर बड़ा फैसला किया है. सजा पा रहे कैदियों को अब उत्तर प्रदेश पैरोल नहीं दी जाएगी. उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने ये आदेश जारी किया है. 

गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर मामले की जांच कर रही एसआईटी ने प्रदेश सरकार से ऐसा करने की सिफारिश की थी. जिसके बाद अब राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों को ये आदेश जारी कर दिया है.

एसआईटी ने अपनी सिफारिश में कहा था कि गंभीर अपराधों में सजा पाए हुए कैदी सामाजिक जीवन में रहने लायक नहीं हैं, ऐसे में उन्हें पैरोल देने से पहले विचार किया जाना चाहिए. सिफारिश में रेप, हत्या और अन्य गंभीर मामलों में सजा काट रहे कैदियों को पैरोल नहीं देने की बात कही थी.

आपको बता दें कि इसी साल कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे और उसके साथियों ने आठ पुलिसवालों की हत्या कर दी थी. जिसके बाद वो एक हफ्ते तक फरार रहा, हालांकि बाद में पुलिस के साथ एनकाउंटर में मारा गया था. विकास दुबे पर करीब 60 से अधिक मामले थे, लेकिन फिर भी वो पैरोल पर बाहर था.

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इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने भी गंभीर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि इतने गंभीर अपराधी को पैरोल कैसे मिली. जिसके बाद राज्य सरकार की काफी किरकिरी हुई थी. 

आपको बता दें कि जो भी व्यक्ति जेल में सजा काट रहा होता है, उसे कुछ वक्त के बाद जेल में किए गए उसके व्यवहार के आधार पर पैरोल मिलने का अधिकार मिल जाता है. प्रशासन की ओर से कैदी के व्यवहार के आधार पर किसी कारणवश कैदी को पैरोल दी जा सकती है, यानी कुछ वक्त के लिए रिहा किया जा सकता है.

 

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