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मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस के मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी आनंद यादव गिरफ्तार

जेल में बंद विधायक मुख्तार अंसारी जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल करते थे, विवाद होने के बाद वो गायब हो गई थी. आरोप है कि उसके स्थान पर डमी एंबुलेंस लावारिस हालत में छोड़ दी गई थी. इसके साथ ही एंबुलेंस से जुड़े अहम सबूत मिटा दिए गए थे.

इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी को भी नामजद आरोपी बनाया गया है इस मामले में विधायक मुख्तार अंसारी को भी नामजद आरोपी बनाया गया है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एंबुलेंस केस में मुख्तार अंसारी भी हैं नामजद आरोपी
  • आनंद यादव पर है साजिश रचने का आरोप
  • हो चुकी है कई लोगों की गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के एंबुलेंस केस में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. पुलिस ने इस मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आनंद यादव को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आनंद की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा था. 

जेल में बंद विधायक मुख्तार अंसारी जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल करते थे, विवाद होने के बाद वो गायब हो गई थी. आरोप है कि उसके स्थान पर डमी एंबुलेंस लावारिस हालत में छोड़ दी गई थी. इसके साथ ही एंबुलेंस से जुड़े अहम सबूत मिटा दिए गए थे. इस मामले में आनंद यादव लंबे समय से फरार चल रहा था. पुलिस ने आनंद यादव पर 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था.

इस मामले में आनंद यादव पर मुजाहिद और शाहिद के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप है. उस पर डॉक्टर अल्का राय पर दबाव डालकर झूठा बयान दिलवाने का इल्जाम भी है. पकड़े जाने के बाद आनंद यादव ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं.

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आनंद यादव ने इस साजिश में और भी कई लोगों के शामिल होने की बात कबूल की है. आनंद यादव ने साजिश में शामिल सभी लोगों के नाम पुलिस को बताए हैं. पुलिस अब उन सभी को आरोपी बनाने की तैयारी कर रही है. पुलिस अब गिरफ्तार आनंद यादव को जेल भेजने की कार्रवाई में जुटी है.

इस मामले में पुलिस को अभी भी आरोपी शाहिद और मुजाहिद की तलाश है. इसके लिए कई जगहों पर दबिश दी जा रही है. जबकि मुख्तार अंसारी के गुर्गे राजनाथ यादव, डॉ. अलका और शेषनाथ राय को पहले ही पुलिस जेल भेज चुकी है.

जानकारी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बाराबंकी एआरटीओ में मुख्तार अंसारी के गुर्गों ने साल 2013 में एंबुलेंस रजिस्टर्ड कराई थी. पंजाब की मोहाली कोर्ट में पेशी पर जाते समय मुख्तार उसी एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहे थे. तभी इस मामले का पर्दाफाश हुआ था. 

पुलिस ने इस मामले में मऊ के संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डॉ. अलका राय पर 1 अप्रैल को जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया था. इस केस की तफ्तीश के दौरान डॉ. अलका राय के सहयोगी डॉ. शेषनाथ राय और मुजाहिद को भी साजिश का आरोपी बनाया गया था. इनके अलावा शाहिद, आनंद यादव, राजनाथ यादव सहित मुख्तार अंसारी को भी इस केस में नामजद किया गया था.

 

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