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अलीगढ़ः मदरसे में बच्चों को ज़ंजीर से बांधने का वीडियो वायरल

कुछ लोगों के मुताबिक जो ज़ंजीरों वाली वीडियो वायरल हुई है, वह कई साल पुरानी है. ना ही उसमें बच्चे हैं. जबकि शिकायत करने वाले दोनों लोगों का कहना है कि मदरसा संचालक बच्चों से पैसे मंगवाते हैं.

पुलिस वायरल वीडियो और मामले की छानबीन कर रही है पुलिस वायरल वीडियो और मामले की छानबीन कर रही है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पुलिस तक पहुंची मदरसे में बच्चों को बांधने की शिकायत
  • पुलिस कर रही है वायरल वीडियो की जांच

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक मदरसे में बच्चों को ज़ंजीरों से बांधे रखने का वीडियो वायरल हो रहा है. हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोगों से मदरसे वालों की कहासुनी होने के बाद वीडियो का षड्यंत्र रचा गया है. मदरसा कई साल पुराना है. वहां कभी ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है. फिलहाल, इस मामले में दो लोगों ने इस मामले में शिकायत की है. पुलिस मामले की छानबीन कर रही है.

कुछ लोगों के मुताबिक जो ज़ंजीरों वाली वीडियो वायरल हुई है, वह कई साल पुरानी है. ना ही उसमें बच्चे हैं. जबकि शिकायत करने वाले दोनों लोगों का कहना है कि मदरसा संचालक बच्चों से पैसे मंगवाते हैं. सोमवार को जब मौलाना बच्चों के साथ मारपीट कर रहे थे, तो उन लोगों ने वहां जाकर बच्चों को बचाने का प्रयास किया. लेकिन उनके साथ भी मारपीट कर दी गई. फिलहाल, पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता जांच कर इस मामले में कार्रवाई करने की बात कर रही है.

शिकायतकर्ता  वसीम और रिजवान का कहना है कि मदरसे का मौलवी एक दबंग किस्म का व्यक्ति है. जो बच्चों से मार पीट करता है. सोमवार को जब बच्चों के रोने की आवाज़ें आईं तो उन्होंने वहां जाकर देखा कि बच्चों को मदरसे में बांधकर कर रखा गया था. जब उन दोनों ने इसका विरोध किया तो उनके साथ भी मदरसे में मारपीट की गई है. इसकी शिकायत उन दोनों  ने थाने में आकर की. कोतवाली थाना इलाके के भुजपुरा में मौजूद उस मदरसे का संचालक फाईमुद्दीन नाम का व्यक्ति है.

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वहीं मदरसे के पक्ष में आए कुछ लोगों ने कहा कि बच्चों के पैर में जंजीरें बांधने का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वह अभी का नहीं है. पुराने समय में जो बच्चे शैतान होते थे. मदरसे से भाग जाते थे. उनके साथ ऐसा किया जाता था. बच्चों के माता पिता खुद ये कहते थे कि बच्चे यहां से नहीं जाने चाहिए. इसलिए ऐसा किया जाता था. ऐसे ही न जाने कितने बच्चे यहां से हाफ़िज़ हो गए और पढ़कर चले गए. ये मदरसा कम से कम 15 से 20 साल पुराना है. इस मदरसे में किसी भी प्रकार की खुराफ़ात आज तक नहीं हुई है. 

सोमवार सुबह एक झगड़ा हुआ था, जिसमें दो आदमी वसीम और राजा इन बच्चों के कुरआन उठा कर ले गए थे. इसलिए झगड़ा हुआ था. इसलिए वीडियो वायरल किया गया. मदरसे के पक्ष में कुछ लोगों ने ये भी कहा कि कुछ माता-पिता खुद वहां आकर अपने बच्चे के पैरों में ज़ंजीरें बांध देते हैं ताकि वो भाग न पाएं. या भाग कर किसी दूसरे माहौल में न पड़ जाएं. 

इस मामले पर सीओ सिटी 1 राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें दिखाई पड़ रहा है कि बच्चों के पैर में ज़ंजीरें पड़ी हुई हैं. ये वीडियो कब का है? किस जगह का है? और इसमें कौन कौन लोग दिखाई पड़ रहे हैं? ये सभी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच के बाद इस मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

 

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