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TRP स्कैम केस में फंसे रिपब्लिक के CEO को समन, दो COO का भी नाम शामिल

दूसरा समन रिपब्लिक के डिस्ट्रीब्यूशन हेड घनश्याम सिंह को भेज गया है. इसके अलावा हंसा रिसर्च के सीईओ को भी समन जारी किया गया है. मुंबई पुलिस ने इनकम टैक्स और जीएसटी डिपार्टमेंट को चोरी की जांच के लिए सूचित कर दिया है.

टीआरपी स्कैम में फंसे रिपब्लिक टीवी की करतूत सामने आ चुकी है टीआरपी स्कैम में फंसे रिपब्लिक टीवी की करतूत सामने आ चुकी है
स्टोरी हाइलाइट्स
  • TRP स्कैम में रिपब्लिक की करतूत सामने आ चुकी है
  • समन में सीओओ हर्ष भंडारी- प्रिया मुखर्जी का भी नाम
  • इनकम टैक्स-GST डिपार्टमेंट को जांच के लिए कहा

टीआरपी स्कैम में फंसे रिपब्लिक टीवी की करतूत देश के सामने आ चुकी है. मुंबई पुलिस रिपब्लिक पर नकेल कसने की तैयारी में है. इस मामले में रिपब्लिक के सीईओ विकास खनचंदानी को ताजा समन जारी किया गया है. इसमें सीओओ हर्ष भंडारी और प्रिया मुखर्जी का भी नाम शामिल है.

दूसरा समन रिपब्लिक के डिस्ट्रीब्यूशन हेड घनश्याम सिंह को भेज गया है. इसके अलावा हंसा रिसर्च के सीईओ को भी समन जारी किया गया है. मुंबई पुलिस ने इनकम टैक्स और जीएसटी डिपार्टमेंट को चोरी की जांच के लिए सूचित कर दिया है.

आईपीजी मीडियाब्रांड्स के शशि सिन्हा और मैडिसन के सैम बलसारा का पुलिस ने बयान दर्ज कर लिया है. विज्ञापनदाताओं के बारे में दोनों से पूछा गया था. मुंबई पुलिस ने साफ कहा कि रिपब्लिक द्वारा चलाई जा रही उक्त रिपोर्ट, हंसा रिसर्च की आंतरिक रिपोर्ट नहीं है. उन्हें ऐसी किसी भी रिपोर्ट के बारे में जानकारी नहीं है.

जांच अधिकारी सचिन वजे के मुताबिक, अभियुक्त Bompally Rao Mistri ने पांच से छह खातों से धन प्राप्त किया था. एक करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन पाया गया. 38 उन लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनके घरों में बैरोमीटर लगाए गए थे.


रिपब्लिक ने की मुंबई पुलिस से जांच न करने की अपील

इससे पहले टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी ने सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही. रिपब्लिक चैनल के सीएफओ ने मुंबई पुलिस से कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं और एक सप्ताह में इस मामले में सुनवाई होने की संभावना है. इसलिए उन्होंने मुंबई पुलिस से अपील की है कि वो अभी जांच शुरू न करे.

इस बीच, टीआरपी फर्जीवाड़ा मामले में जांच पड़ताल जारी है. मुंबई पुलिस इस छानबीन में क्राइम ब्रांच के साथ-साथ आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की मदद लेगी. आर्थिक अपराध शाखा फंड ट्रांसफर, फेक टीआरपी के जरिये विज्ञापन से कमाए गए धन को लेकर छानबीन करेगी.

ईओडब्ल्यू मुंबई में डीसीपी पराग मनेरे वित्तीय पहलुओं की जांच करेंगे. फॉरेंसिक ऑडिटर्स की सेवाओं का उपयोग रिपब्लिक और अन्य दो चैनलों के वित्तीय लेनदेन की फॉरेंसिक ऑडिट के लिए भी किया जाएगा.

बता दें कि मुंबई पुलिस ने गुरुवार को फॉल्स टीआरपी रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया था. पुलिस का कहना था कि रिपब्लिक टीवी समेत 3 चैनल पैसे देकर टीआरपी खरीदते थे. इन चैनलों की जांच की जा रही है. टीआरपी के जोड़-तोड़ के मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी.

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