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Betul: 12 महीने बाद 12 अफसरों ने सुलझाया ट्रिपल मर्डर केस, 7 गिरफ्तार, भतीजे निकले हत्यारे

मध्य प्रदेश के बैतूल में पिछले साल हुए ट्रिपल मर्डर केस को एसआईटी ने सुलझा लिया है. इस मर्डर मिस्ट्री में ब्रोकर और उसकी महिला मित्र के भतीजो की अहम भूमिका थी. 12 महीने पहले हुए इस हत्याकांड के रहस्य को 12 अफसरों की एसआईटी ने सुलझा कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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एसआईटी ने सुलझा कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया (फोटो आजतक)
एसआईटी ने सुलझा कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया (फोटो आजतक)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • जमीनी विवाद बना हत्या की वजह
  • मिली थी हथियारों से कटी हुई लाशें
  • मामला सुलझाने में लगे 12 महीने

मध्य प्रदेश के बैतूल में पिछले साल हुए ट्रिपल मर्डर केस को एसआईटी ने सुलझा लिया है. इस मर्डर मिस्ट्री में ब्रोकर और उसकी महिला मित्र के भतीजों की अहम भूमिका थी. 12 महीने पहले हुए इस हत्याकांड के रहस्य को 12 अफसरों की एसआईटी ने सुलझा कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. हत्या की वजह जमीन का विवाद बताया जा रहा है. 

पिछले साल बैतूल के गंज थाना इलाके के भग्गुढाना में रहने वाले प्रॉपर्टी ब्रोकर नंदू मालवीय, उसके साथ लिव इन में रहने वाली आदिवासी महिला फुलवा और उसकी नौकरानी गीता की धारदार हथियारों से कटी हुई लाशें उसके घर पर मिली थी. 18 नवम्बर 2019 की रात नंदू के घर इन लाशों के मिलने के बाद पुलिस डिपार्टमेंट में हड़कम्प मच गया था. उस समय एसपी के कार्तिकेयन ने इस ट्रिपल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए एक एसआईटी गठित की थी. जो लगातार इस हत्याकांड से पर्दा उठाने की कोशिश कर रही थी. 

सुलझाया ट्रिपल मर्डर केस

पुलिस ने इस मामले में नंदू के भतीजे जितेंद्र उर्फ जित्तू को घटना के 9 दिन बाद 29 नवम्बर को हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था. जो जमानत पर बाहर आ गया था, लेकिन मुख्य आरोपियों के न मिलने और मृतक के एक हाथ का पंजा गायब होने से यह ट्रिपल मर्डर पुलिस के लिए पहेली बना हुआ था. 

एसआईटी ने इस मामले में बारीकी से छानबीन की तो कई परतें खुलकर सामने आ गईं. इसमें खुलासा हुआ कि फुलवा का भतीजा अशोक धुर्वे उसकी मिलानपुर स्थित जमीन पर खेती कर रहा था. जिसे फुलवा ने किसी को बेच दिया था. जमीन की बेदखली से अशोक उससे नाराज था. इसी बीच नंदू का भी अपने भतीजे जितेंद्र उर्फ जित्तू से प्रॉपर्टी को लेकर झगड़ा चल रहा था. गणेश स्थापना के दौरान दोनों मिले तो उन्होंने एक दूसरे से इन झगड़ों का जिक्र किया और फिर दोनों ने नन्दू और फुलवा को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार कर लिया. 

घटना वाले दिन अशोक नंदू के घर पहुंचा जहां उसका फुलवा से विवाद हो गया. इसी बीच वहां नंदू भी पहुंच गया. नंदू ने यहां अशोक को थप्पड़ मारा तो झगड़ा बढ़ गया. गुस्से में अशोक ने यहां नंदू की हत्या कर दी. फिर फुलवा और घटना को देखने वाली नौकरानी को भी मार डाला. इस हत्याकांड को अशोक और उसके साथी सतीश, श्रीराम, जित्तू और उसके फर्नीचर मार्ट के कर्मचारी योगेश, अजय, रवि चावरे ,कमलेश सोनी ने मिलकर अंजाम दिया. 

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खास बात यह रही कि इस हत्याकांड में आरोपी, नंदू के हाथ का पंजा अपने साथ ले गए. जिसके बारे में पता चला कि उसमें सोने की अंगूठी निकालने के लिए वे पंजा अपने साथ ले गए थे. जिसे बाद में जला दिया गया था.

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