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दिल्ली में NC नेता त्रिलोचन सिंह वजीर की हत्या, उमर अब्दुल्ला ने जताया दुख

दिल्ली में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर (Trilochan Singh Wazir) का शव मिला है. पुलिस फिलहाल हत्या के एंगल से भी जांच कर रही है.

दिल्ली के फ्लैट में मिली त्रिलोचन सिंह वजीर की लाश (फोटो-ANI) दिल्ली के फ्लैट में मिली त्रिलोचन सिंह वजीर की लाश (फोटो-ANI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली के फ्लैट में मिली त्रिलोचन सिंह वजीर की लाश
  • त्रिलोचन सिंह वजीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता थे

राजधानी दिल्ली के मोतीनगर इलाके में स्थित एक फ्लैट में गुरुवार सुबह एक डिकॉम्पोज लाश मिलने से सनसनी फैल गई. बाद में जो खुलासा हुआ उसने और हैरान कर दिया है. पता चला है कि वह शव जम्मू कश्मीर के नेता का है. मृतक की पहचान  J-K विधान परिषद के पूर्व सदस्य के रूप में हुई है.

उनका नाम त्रिलोचन सिंह वजीर (उम्र 67 साल) बताया गया है. वह नेशनल कॉन्फ्रेंस में थे. ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज कर लिया है. बाकी एंगल से भी जांच जारी रहेगी. शुरुआती जांच में यह मर्डर लग रहा था क्योंकि हरप्रीत सिंह नाम के जिस शख्स ने यह फ्लैट किराए पर लिया हुआ था, वह फरार है और घर का दरवाजा भी अंदर से बंद नहीं था.

दिल्ली के बसई दारा पुर इलाके से गुरुवार की सुबह पुलिस को खबर मिली कि एक फ्लैट के अंदर से बदबू आ रही है. पुलिस एक मकान की तीसरी मंजिल पर पहुंची, वहां उन्हें एक फ्लैट के बाहर ताला मिला. इसके बाद पुलिस की टीम दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो देखा अंदर एक सड़ी गली हालत में लाश पड़ी हुई है. जिसकी बाद में पहचान हुई.

लाश के पास एक मोबाइल फोन था और जब पुलिस ने उस फोन की जांच की तो पता चला यह मोबाइल फोन नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर का है.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम और नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने त्रिलोचन सिंह की मौत पर दुख जाहिर किया है. उन्होंने लिखा,'दोस्त सरदार त्रिलोचन सिंह वजीर की आकस्मिक मौत की जानकारी मिली. वह विधानपरिषद के पूर्व सदस्य थे. कुछ दिन पहले जम्मू में उनसे मिला था. नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी मुलाकात होगी. उनकी आत्मा को शांति मिले.'

पुलिस को हत्या का शक

जिस फ्लैट में शव मिला वह हरप्रीत सिंह खालसा नाम के शख्स ने किराए पर लिया हुआ था. वह अभी फरार है. फिलहाल यह भी जांच का विषय है कि त्रिलोचन वहां कैसे पहुंचे. 1 सितंबर को त्रिलोचन सिंह जम्मू से दिल्ली आए थे और 3 सितम्बर को उन्हें कनाडा जाना था. लेकिन त्रिलोचन सिंह ने फ्लाइट नहीं पकड़ी और तभी से वह गायब थे और परिवार वाले उनकी तलाश में जुटे थे.

त्रिलोचन सिंह की बॉडी पर जो घाव हैं वे गन शॉट इंजरी है या नहीं इसकी जांच करके एफएसएल टीम रिपोर्ट देगी.

 

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