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प्रयागराज: तोड़फोड़ केस में 1000 पर FIR, छात्रों की पिटाई मामले में 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड

प्रयागराज में छात्रों के प्रदर्शन के बाद पुलिस की मारपीट ने विवाद को काफी ज्यादा बढ़ा दिया है. अभी तक 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है और तोड़फोड़ करने वाले कम से कम 1000 छात्रों पर FIR दर्ज हुई है.

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प्रयागराज में छात्रों के खिलाफ पुलिस का एक्शन प्रयागराज में छात्रों के खिलाफ पुलिस का एक्शन
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रयागराज में पुलिस कार्रवाई के कई वीडियो वायरल
  • सपा-कांग्रेस बोली- अत्याचार कर रही योगी सरकार
  • रेल मंत्री की छात्रों से तोड़फोड़ ना करने की अपील

मंगलवार को प्रयागराज में छात्रों ने नौकरी ना मिलने को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था. घंटों ट्रैक पर भी डेरा डाला गया और खूब बवाल काटा गया. बाद में पुलिस ने भी हॉस्टल में घुस छात्रों संग मारपीट की, लाठीचार्ज हुआ था. अब इसे मामले में 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, वहीं तोड़फोड़ की वजह से 1000 लोगों पर FIR भी दर्ज हुई है.

अभी के लिए पुलिस ने तीन नामजद और अराजकता फैलाने वाले एक हज़ार अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है. अराजकता फैलाने के मामले में मुकेश यादव,प्रदीप यादव और सोशल मीडिया पर उकसाने वाले राकेश सचान का नाम सामने आया है. पुलिस को अभी राकेश सचान की तलाश है. वैसे इस पूरे मामले में पुलिस ये कहकर अपना बचाव कर रही है कि उन्होंने सिर्फ अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है. लेकिन छात्रों का कहना है कि उन्हें बिना किसी वजह के पीटा गया है.

बताया गया है कि कई छात्र अभी लॉज छोड़ जा चुके हैं. सभी पुलिस कार्रवाई से डर गए हैं और वहां से पलायन कर रहे हैं. कुछ छात्रों का कहना है कि वे प्रशासन और राज्य की योगी सरकार से नाराज हैं. विपक्ष भी इसे बड़ा मुद्दा बना रहा है. समाजवादी पार्टी से लेकर कांग्रेस की प्रियंका गांधी तक, सभी ने पुलिस कार्रवाई के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं. सरकार पर छात्रों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाया जा रहा है.

अब जानकारी के लिए बता दें कि रेलवे की एनटीपीसी ( नॉन टेक्निकल पापुलर केटेगरी) भर्ती परीक्षा के परिणाम में गड़बड़ी को लेकर ये बवाल काटा जा रहा है. बिहार में भी छात्र सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि बोर्ड की तरफ से ऐन वक्त पर नियम बदल दिए गए. परिणाम आने के बाद सिर्फ पांच फीसदी छात्रों को ही नौकरी पर लिया गया. छात्रों के मुताबिक असल में ये आंकड़ा 20 फीसदी  होना चाहिए था.

इस मामले पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि परीक्षा से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली. एक लाख 40 हजार वैकेंसी है और एक करोड़ से ज्यादा आवेदन आए थे. उन्होंने कहा, इतनी बड़ी संख्या में परिक्षार्थी हों तो एक बार में परीक्षा लेना कठिन है, इस वजह से दो लेवल किया गया था. उन्होंने छात्रों से भी अपील की कि रेलवे आपकी संपत्ति है, आप अपनी संपत्ति को संभालकर रखें. पुलिस प्रशासन कानून-व्यवस्था के आधार पर काम कर रहा है, कोई भी सार्वजनिक संपत्ति में तोड़फोड़ न करें.

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