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MP: काली मिर्च बेचने के नाम पर धोखाधड़ी, 12वीं पास ठग यूपी से गिरफ्तार

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक ठग ने काली मिर्च बेचने के नाम पर एक शख्स से 6,94,000 रुपये की धोखाधड़ी की, जिसे बाद में यूपी के मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • युवक ने सात लाख रुपये का किया फ्रॉड
  • यूपी के मिर्जापुर से गिरफ्तार किया गया

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर ठगी का एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक ठग ने काली मिर्च बेचने के नाम पर एक शख्स से 6,94,000 रुपये की धोखाधड़ी की, जिसे बाद में यूपी के मिर्जापुर से गिरफ्तार कर लिया गया है. हैरानी की बात यह है कि आरोपी महज 12वीं पास है. 

दरअसल, भोपाल निवासी जितेंद्र सक्सेना ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी थी कि इंडिया मार्ट पर जीजे ट्रेडर्स नामक फर्म के संचालक तरुण कुमार से काली मिर्च खरीदने के लिए संपर्क किया गया था. तरुण कुमार से दो टन काली मिर्च खरीदने की बात हुई. जिसमें फरियादी को 340 प्रति किलो के हिसाब से काली मिर्च खरीदने का सौदा तय हुआ और जीजे ट्रेडर्स एवं शिवालिक ट्रेडर्स नामक फर्म के 02 विभिन्न बैंक खातो में फरियादी से कुल 6,94,000 रुपये धोखाधड़ी पूर्वक जमा करवा लिए गए. लेकिन इसके बाद फरियादी का फोन उठाना बंद कर दिया और बाद में उसका नंबर ब्लॉक कर दिया. 

इस शिकायत के बाद बैंक से प्राप्त जानकारी के आधार पर बैंक खाता और मोबाइल नंबरों के उपयोगकर्ताओं के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत केस दर्ज किया गया. जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 6 लाख 94 हजार रुपये में से 5 लाख 72 हज़ार रुपये खाते में फ्रीज करवाए. इसके बाद तकनीकि एनालिसिस और फोन सर्विलांस के आधार पर आरोपी मो. इरफान को यूपी के मिर्जापुर गिरफ्तार किया गया. आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल दो मोबाइल, एक सिम और दो एटीएम कार्ड को जब्त किया गया है. 

ऐसे अंजाम देता था वारदात को
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह इंडिया मार्ट में अपने मोबाइल नंबर जीजे ट्रेडर्स के नाम से रजिस्टर्ड करता है और व्यापारियों के द्वारा माल खरीदने के लिये संपर्क करने पर उनसे सौदा तय कर लेता था. सौदा तय होने पर 50% राशि एडवांस भुगतान करने के लिये कहता है. भुगतान होने पर फर्जी बिल और ट्रांसपोर्ट के फर्जी बिल व्यवसायी को व्हाट्सअप पर भेज कर बकाया पेमेंट का भुगतान करने का कहा जाता है. व्यवसायी के द्वारा भुगतान करने पर व्यवसायी का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देता ताकि व्यवसायी इनसे पुनः संपर्क नही कर सके. यही नहीं आरोपी ने बताया कि वह 1-2 लोगो के साथ धोखाधड़ी करने के बाद सिम तोड़कर फेंक देता था, ताकि पुलिस की गिरफ्त में न आ सके. आरोपी ने इस तरह की वारदात करने का तरीका नोएडा में रहकर सीखा. धोखाधड़ी से मिले रुपयों को आरोपी आलीशान मकान, गाड़ी और अन्य सुख-सुविधाओं में खर्च कर देता था. सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि आरोपी बेहद शातिराना तरीके से वारदात को अंजाम देता था लेकिन वह सिर्फ 12वीं कक्षा तक ही पढ़ा है. 

 

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