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मेरठ: घर में बेटी की लाश, बाहर से 4 महीनों तक ताला... DNA से खुलेगा वारदात का राज

मेरठ के सदर बाजार में प्रियंका बिश्वास का शव चार महीने बाद घर में कंकाल अवस्था में मिला. पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका, क्योंकि शरीर का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो चुका था. पुलिस डीएनए जांच और मोबाइल कॉल डिटेल्स के जरिए जांच कर रही है. पिता उदयभान शव को घर में छोड़कर हरिद्वार चले गए थे. फिलहाल पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और मामले की गहन जांच जारी है.

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शरीर पर किसी भी तरह की चोट या घाव के निशान नहीं पाए गए हैं.
शरीर पर किसी भी तरह की चोट या घाव के निशान नहीं पाए गए हैं.

मेरठ के सदर बाजार के तेली मोहल्ला निवासी 34 वर्षीय प्रियंका बिश्वास की मौत कैसे हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम में नहीं हो सका है. पुलिस को मिली रिपोर्ट के अनुसार, प्रियंका के शरीर पर किसी भी तरह की चोट या घाव के निशान नहीं पाए गए हैं. डॉक्टरों के अनुसार, प्रियंका का शव लगभग कंकाल की अवस्था में मिला था. शरीर पर न तो पर्याप्त मांस बचा था और न ही त्वचा, जिससे मौत के कारण का स्पष्ट पता लगाया जा सके. अब हड्डियों से डीएनए सैंपल लेकर आगे की जांच की जाएगी. 

वहीं पुलिस प्रियंका का मोबाइल फोन तलाश रही है. इस सिलसिले में प्रियंका के पिता उदयभान बिश्वास को हरिद्वार ले जाया गया है, जहां वह रह रहे थे. पुलिस मोबाइल को कब्जे में लेकर उसकी कॉल डिटेल्स खंगालेगी.

दरअसल, बीते शुक्रवार को सदर बाजार के तेली मोहल्ले में प्रियंका का शव घर के अंदर कंकाल अवस्था में बरामद हुआ था. बताया जा रहा है कि प्रियंका के पिता उदयभान शव को घर में ही छोड़कर करीब चार महीने पहले ताला लगाकर चले गए थे. कुछ दिनों तक वह शव के साथ घर में रहे और दुर्गंध छुपाने के लिए परफ्यूम का इस्तेमाल करते रहे. बाद में दिसंबर में वह हरिद्वार चले गए.

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन शरीर के करीब 80 प्रतिशत अंग नष्ट हो चुके थे. ऐसे में पोस्टमार्टम से मृत्यु का समय और कारण स्पष्ट नहीं हो सका. अब जांच का केंद्र उदयभान से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों पर आ गया है.

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इस मामले में मेरठ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कटारिया ने बताया कि शव कई महीने पुराना था और केवल कंकाल के रूप में बचा था. मांस या त्वचा जैसी कोई सामग्री जांच के लिए उपलब्ध नहीं थी. हालांकि, हड्डी का सैंपल विज्ञान प्रयोगशाला में भेजा गया है, ताकि पहचान की पुष्टि हो सके.

वहीं, सीओ सदर कैंट नवीना शुक्ला ने बताया कि पुलिस को मौके पर एक सड़ी-गली अवस्था में शव मिला था. पिता के अनुसार, प्रियंका की मौत करीब चार महीने पहले बीमारी से हुई थी, लेकिन वह अंतिम संस्कार को लेकर निर्णय नहीं ले सके. कुछ दिन शव के साथ रहने के बाद वह हरिद्वार चले गए. हाल ही में उनके लौटने पर रिश्तेदारों को जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में तंत्र-मंत्र जैसी कोई बात सामने नहीं आई है. हालांकि, लड़की के बीमार रहने के कारण झाड़-फूंक कराने की बात सामने आई है. पुलिस अब मोबाइल की कॉल डिटेल्स के जरिए मामले की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शव को इतने लंबे समय तक घर में रखने के पीछे क्या कारण था.

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