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फर्जी कंपनी बनाकर लोगों से की 60 करोड़ की ठगी, मास्टरमाइंड को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

पिछले काफी समय से मल्टी लेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले इस गिरोह की सूचना एसटीएफ को मिल रही थी. जिसके चलते एसटीएफ की एक टीम को कार्रवाई के लिए लगाया गया था.

एसटीएफ के शिकंजे में आया मास्टरमाइंड एसटीएफ के शिकंजे में आया मास्टरमाइंड
स्टोरी हाइलाइट्स
  • फर्जी रियल स्टेट कंपनी बनाकर की थी 60 करोड़ की ठगी
  • मास्टरमाइंड हरिओम यादव को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
  • कई दिनों से चल रहा था फरार, दुबई तक फैले थे धंधे के तार

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अलास्का रियल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड, अलास्का कमोडिटीज व अलास्का इंटरप्राइजेज के माध्यम से 60% प्रतिवर्ष लाभ यानी प्रतिमाह 5% का लाभांश देने का प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों से लगभग 60 करोड़ रूपये इनवेस्ट कराकर, हड़पने वाले गिरोह के सरगना अभियुक्त हरिओम यादव को लखनऊ से एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया है.

पिछले काफी समय से मल्टी लेवल मार्केटिंग के माध्यम से जनता से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले इस गिरोह की सूचना एसटीएफ को प्राप्त हो रही थी. जिसके चलते एसटीएफ की एक टीम को कार्रवाई हेतु पीछे लगाया गया था.

जानकारी के मुताबिक एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार किया गया हरिओम यादव अलास्का रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड का एमडी है. उसकी कंपनी अलास्का कमोडिटीज और अलास्का इंटरप्राइजेज के जरिए लगभग 600 लोगों से 60 करोड़ रुपए हड़प लिए गए थे. जिसके कारण अभी हाल ही में लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में मुकदमा पंजीकृत किया गया था.

मुकदमा पंजीकृत करने के बाद गोसाईगंज पुलिस को इस कंपनी में काम करने वाले सभी लोगों की तलाश थी और 9 लोगों की गिरफ्तारियां भी की गई थी. लेकिन मुख्य आरोपी हरिओम यादव फरार हो गया था. शनिवार को मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ की टीम द्वारा इसे धर दबोचा गया है.

दरअसल राजधानी लखनऊ में फर्जी रियल एस्टेट कंपनी खोलकर लोगों से 59 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाभोड़ करते हुए कंपनी से जुड़े 9 लोगों को बीते 15 तारीख को गिरफ्तार किया गया था. वहीं मुख्य आरोपी हरिओम यादव पुलिस की गिरफ्त से दूर था. अलास्का रियल स्टेट के नाम से बनाई गई कंपनी के एजेंट्स लोगों को गुमराह कर पैसे ऐंठ लिया करते थे.

15 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने कहा था कि तकरीबन साढ़े पांच सौ लोग इस कंपनी में पैसा इंवेस्ट किए हुए थे जो कुल 59 करोड़ रुपए के आसपास का इंवेस्टमेंट है. प्रेस वार्ता के दौरान डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस साउथ, रईस अख्तर ने बताया था कि इन लोगों का नेटवर्क उत्तर प्रदेश के कई जिलों के अलावा गुजरात के सूरत तक फैला हुआ है. ये लोग गुजरात के सूरत में भी लोगों को गुमराह करके पैसा इंनेस्ट करवाकर गबन कर लिया करते थे और वहीँ देश के बाहर दुबई में भी ये लोग पैसा इंवेस्ट किए थे और वहां के लोगों को भी इंवेस्टमेंट करवा कर उनको गुमराह करके पैसा हड़प लेते थे.

पुलिस के मुताबिक कंपनी के एजेंट लोगों से कहते थे कि इनकी रियल स्टेट की कंपनी काफी बड़ी है जो ट्रेडिंग करती है. एजेंट लोगों को बताते थे कि कंपनी का मालिक हरिओम यादव, एशिया के टॉप 20 ट्रेडर्स में एक है. इनको प्रतिमाह 20 प्रतिशत लाभ मिलता है. उसी लाभ के चलते वह आप सभी को अलास्का रियल स्टेट कंपनी में इंवेस्ट करने पर 5% देते हैं. शुरुआत के 2-3 महीने कंपनी ने लोगों को 5% प्रॉफिट पर रुपए भी दिए, जिसके कारण कई लोगों ने झांसे में आकर करोड़ों रुपए इस कंपनी में लगा दिए थे. जिसके कुछ महीने बाद ये लोग कंपनी बंद करके फरार हो गए थे.

 

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