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UP: कमलेश तिवारी की पत्नी को जान से मारने की धमकी, लेटर में मोदी, योगी की फोटो

हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की पत्नी को जान से मारने की धमकी मिली है. ये धमकी उन्हें पत्र के जरिए मिली है. कमलेश तिवारी की 2018 में हत्या कर दी गई थी. 

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कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी- फाइल फोटो कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी- फाइल फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पत्र में योगी और मोदी की तस्वीर
  • 2018 में हुई थी कमलेश तिवारी की हत्या

राजस्थान की घटना के बाद हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी को जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिला है. 2018 में लखनऊ के हिंदू समाज पार्टी के अध्‍यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या कर दी गई थी. अब उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी भरा पत्र मिला है. कमलेश तिवारी की पत्नी किरन तिवारी ने कहा कि उन्हें 22 जून को लखनऊ में अपने घर के अंदर एक सफेद लिफाफे में दिया गया धमकी पत्र मिला. यह उर्दू में लिखा गया था. 

पत्र में योगी और मोदी की तस्वीर
गौरतलब है कि पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई लोगों की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें भी थीं. तस्वीरों पर बड़े X के निशान थे, जिनके आगे हाथ से "टारगेट" लिखा हुआ था. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

18 अक्टूबर, 2018 को हुई थी कमलेश तिवारी की हत्या
पुलिस का कहना है कि उसे शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है. हिंदू समाज पार्टी के अध्यक्ष कमलेश तिवारी को 18 अक्टूबर, 2018 को लखनऊ में गला काटने से पहले गोली मारी गई थी. यह घटना उत्तर प्रदेश की राजधानी में उनके कार्यालय में हुई थी. 

पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी के बाद सिर काटने की मांग
तिवारी ने दिसंबर 2015 में पैगंबर मुहम्मद के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद खूब बवाल हुआ था. उनके बयानों के कारण कई मुस्लिम समूहों ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया, जिनमें से कुछ विरोध करने वाले संगठनों ने उनके सिर काटने की मांग की. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और राजस्थान के टोंक में प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कमलेश तिवारी का 'सिर काट दिया जाना चाहिए.'

कैसे हुई थी हत्या
भगवा कुर्ता पहने आरोपी मिठाई के डिब्‍बे में छिपाकर चाकू और पिस्‍टल लाए थे. इसके बाद उन्होंने कमलेश तिवारी को पहले गोली मारी फिर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए. हत्या के बाद आरोपी भाग निकले. बाद में दोनों को राजस्‍थान और गुजरात सीमा पर‍ गिरफ्तार किया गया था. पकड़े गए आरोपियों शेख अशफाक और पठान मोइनुद्दीन ने बताया था कि वे कमलेश तिवारी की तरफ से 2015 में पैगंबर मोहम्‍मद को लेकर दिए गए बयान से नाराज थे. 

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