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कासगंज मौत पर ओवैसी की दो टूक- बिजनेसमैन के मरने पर 50 लाख, अल्ताफ को कुछ नहीं

उन्होंने जोर देकर कहा है कि अल्ताफ की मौत पुलिस कस्टडी में ही हुई है. ये भी सवाल उठाया है कि कोई शख्स जैकेट की टोपी की डोरी से बंध कैसे फांसी लगा सकता है. ओवैसी के मुताबिक इस मामले में पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. लेकिन सवाल है कि ऐसा क्यों किया गया?. 

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AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कासगंज मौत पर पर यूपी में सियासत
  • ओवैसी ने पूरे मामले को धर्म से जोड़ा

कासगंज में पुलिस कस्टडी में अल्ताफ नाम के युवक की मौत हो गई है. अब इस मौत ने यूपी की राजनीति को गरमा दिया है और कई करह के राजनीतिक बयान आने भी शुरू हो गए हैं. इस पूरे केस में विवाद पुलिस की सुसाइड थ्योरी को लेकर है. ना परिजन ये मानने को तैयार हैं और ना ही AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी. अब ओवैसी ने फिर अपने तथ्य मीडिया के सामने रखे हैं.

अल्ताफ की मौत पर सियासत, ओवैसी के सवाल

उन्होंने जोर देकर कहा है कि अल्ताफ की मौत पुलिस कस्टडी में ही हुई है. ये भी सवाल उठाया है कि कोई शख्स जैकेट की टोपी की डोरी से बंध कैसे फांसी लगा सकता है. ओवैसी के मुताबिक इस मामले में पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. लेकिन सवाल है कि ऐसा क्यों किया गया?. 

ओवैसी ये भी मानते हैं कि क्योंकि अत्याचार एक मुस्लिम के साथ हुआ, ऐसे में उसे कोई सम्मान नहीं दिया जा रहा. एक उदाहारण देते हुए ओवैसी ने बताया कि जब गोरखपुर के होटल में उद्योगपति की हत्या हुई थी तो सरकार ने 50 लाख की आर्थिक सहायता दी थी. खुद मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलने गए थे. अब जब अल्ताफ की मौत हुई है तो उससे मिलने कोई क्यों नहीं गया? क्या किसी की जान की कीमत उसका धर्म देख की जाएगी?

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मामले में हुई धर्म की एंट्री

AIMIM चीफ ने समाजवादी पार्टी पर भी तंज कसा है. उन्होंने जोर देकर कहा है कि इस पार्टी ने पहले ही इसे एक सुसाइड बता पुलिस को क्लीन चिट दे दी है. ऐसे में वे सवाल उठा रहे हैं कि निष्पक्ष जांच कैसे होगी. सवाल तो ये भी उठा है कि क्या इस मामले में किसी की गिरफ्तारी होगी या नहीं. ओवैसी की माने तो अल्ताफ के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी जल्दी रिलीज कर दी गई, जबकि कम समय में ऐसी रिपोर्ट कभी बाहर नहीं आती हैं.

इसी वजह से AIMIM चीफ इस मामले को लेकर यूपी सरकार पर सवाल दाग रहे हैं. वे पुलिस की सुसाइड थ्योरी को भी गलत बता रहे हैं और उस अल्पसंख्यक युवक के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं.

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